China: चीन की रॉकेट फोर्स में बड़ा स्कैम

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मिसाइलों में तेल की जगह मिला पानी

बीजिंग: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन(China) की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की रॉकेट फोर्स में व्यापक भ्रष्टाचार पाया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पश्चिमी चीन में तैनात कई मिसाइलों के ईंधन टैंकों में असली फ्यूल की जगह पानी भरा हुआ था। इतना ही नहीं, जिन अंडरग्राउंड ‘साइलो’ (Silo) से मिसाइलें लॉन्च की जानी थीं, उनके ढक्कन इतने खराब तरीके से डिजाइन किए गए थे कि वे खुलने में भी असमर्थ थे। इस विफलता ने चीन की सैन्य क्षमता और उसकी परमाणु मारक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बड़ी कार्रवाई और सैन्य नेतृत्व का अंत

इन खुलासों के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग(China) ने पीएलए के शीर्ष नेतृत्व पर अब तक की सबसे बड़ी गाज गिराई है। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरमैन और जिनपिंग के पुराने परिचित झांग यूक्सिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि जिनपिंग अपनी सेना को पूरी तरह से व्यक्तिगत नियंत्रण में लेना चाहते हैं। वे 2027 तक ताइवान पर संभावित कार्रवाई के लिए एक दोषमुक्त और वफादार आधुनिक फौज तैयार करने के मिशन पर हैं।

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सैन्य पुनर्गठन और भविष्य की चुनौतियां

भ्रष्टाचार विरोधी इस अभियान ने चीनी सेना की सबसे शक्तिशाली संस्था, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन को लगभग खाली कर दिया है। वर्तमान में यहाँ केवल शी जिनपिंग और भ्रष्टाचार निगरानी अधिकारी झांग शेनमिन ही सक्रिय बचे हैं। हालांकि कई जानकारों का मानना है कि अनुभवी जनरलों को हटाने से सेना कमजोर हो सकती है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि जिनपिंग(China) इस ‘शुद्धिकरण’ के जरिए सेना को राजनीतिक और रणनीतिक रूप से अधिक आक्रामक बनाना चाहते हैं ताकि 2049 तक चीन को अमेरिका से अधिक शक्तिशाली बनाया जा सके।

जनरल झांग यूक्सिया पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए गए हैं?

जनरल झांग पर आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग(China) के आदेशों की अनदेखी करने और सेना की निर्णय प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप है। इसके अलावा, अपुष्ट रिपोर्ट्स में उन पर परमाणु हथियारों से जुड़ी गोपनीय जानकारी अमेरिकी एजेंसियों को लीक करने और ताइवान पर हमले की समय-सीमा पर असहमति जताने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।

‘मिसाइल साइलो’ क्या होते हैं और चीन की रिपोर्ट में इनके बारे में क्या कहा गया है?

मिसाइल साइलो जमीन के नीचे बने वर्टिकल बेलनाकार ढांचे होते हैं जिनका उपयोग मिसाइलों को सुरक्षित रखने और वहीं से लॉन्च करने के लिए किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के साइलो इतने भारी और खराब गुणवत्ता के बने थे कि आपात स्थिति में उनके ऊपरी ढक्कन (Hatches) खुल नहीं पा रहे थे, जिससे मिसाइल लॉन्च करना असंभव था।

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