उत्तराखंड में एक चीनी महिला पकड़ी गई। महिला साध्वी के भेष में भारत में घुसने की कोशिश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को महिला का पासपोर्ट मिला, जिसमें उसकी सही पहचान उजागर हो गई।
उत्तराखंड में एक महिला अचानक से पुलिस की रडार पर आ गई। महिला साध्वी के भेष में थी। सफेद साड़ी, गले में रूद्राक्ष और सिर पर साफा बांधे इस महिला को पहचान पाना काफी मुश्किल था। पुलिस को उस पर शक हुआ और पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि वास्तव में वो महिला चीनी नागरिक है, जो बिना वीजा के भारत में घुसने की कोशिश कर रही थी।
नेपाल वापस भेजा
यह मामला उत्तराखंड के चंपावत का है। भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा बल ने एक चीनी महिला को पकड़ा। महिला के पास वीजा नहीं था। महिला की पहचान जानने के लिए सेना के अधिकारियों ने कई घंटों तक उससे पूछताछ की और फिर उसे नेपाल वापस भेज दिया गया।
साध्वी का धरा रूप
बता दें कि महिला की वेशभूषा ने सेना के जवानों को भी हैरान कर दिया था। महिला ने सिर पर सफेद रंग का साफा बांधा था। उसके गले में रूद्राक्ष की माला थी और महिला ने शरीर पर सफेद साड़ी धारण कर रखी थी। इसी के साथ महिला ओम नम: शिवाय का जाप कर रही थी।
खबरों की मानें तो महिला ने संन्यासी की वेशभूषा धारण की थी। उसे देखकर हकीकत का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल था। ऐसे में पुलिस ने काफी देर तक जांच-पड़ताल की। महिला से कई सवाल पूछे गए और फिर महिला को सीमा के उस पार नेपाल वापस भेज दिया गया।
पुलिस ने सुनाया पूरा किस्सा
चंपावत पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के अनुसार बुधवार की रात तकरीबन 2 बजे महिला नेपाल सीमा के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रही थी। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने महिला को सीमा के पास देखा। उन्हें महिला पर शक हुआ। जब सुरक्षाकर्मियों ने महिला से पूछताछ शुरू की तो वो जवाब नहीं दे सकी।
रिपोर्ट के अनुसार सेना ने महिला की जांच की। इस दौरान पुलिस को महिला का पासपोर्ट मिला, जिसमें उसका नाम यांग कियूहान था। पासपोर्ट में महिला की उम्र 30 साल थी और वो मूल रूप से चीन की नागरिक थी। सेना ने कानूनी प्रक्रिया के तहत महिला को भारतीय इमिग्रेशन विभाग को सौंप दिया और वहां से महिला को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया।