विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने उगादी के मौके पर नागरिकों से 2047 तक तेलुगु समुदाय को विश्व में अग्रणी बनाने का संकल्प लेने की अपील की। टुम्मलापल्ली कलाक्षेत्रम में आयोजित समारोह में नायडू ने लोगों से मेहनत और समर्पण के साथ इस लक्ष्य की दिशा में काम करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को विश्व के लिए उदाहरण बताया और मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया। समारोह में मंत्री कंडुला दुर्गेश और अनाम रमणारायण रेड्डी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। अवधानी मदुगुला नागफनी शर्मा (Nagphani Sharma) ने उगादी पंचांगम प्रस्तुत किया। नायडू ने कहा कि बड़े संयुक्त परिवार खुशी का प्रतीक हैं, लेकिन एकल परिवार की ओर रुझान सामाजिक चुनौतियों को बढ़ा रहा है।
शीघ्र पूरा होगी पोलावरम परियोजना
उन्होंने संयुक्त परिवार प्रणाली को फिर से बढ़ावा देने की योजना की घोषणा की। विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना शीघ्र पूरा होगी, इसके बाद नदी इंटरलिंकिंग और अमरावती को विश्व स्तरीय राजधानी बनाने की योजनाएं लागू होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि हर उगादी पर नौकरी कैलेंडर जारी किया जाएगा, ताकि समय पर भर्ती सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अब तक 30,000 से अधिक सरकारी नौकरियां और 6.28 लाख निजी क्षेत्र की नौकरियां सृजित होने की जानकारी दी। उन्होंने पूर्व सरकारों पर पोलावरम परियोजना के विस्थापितों को मुआवजा न देने की आलोचना भी की। नायडू ने कहा कि सरकार हर नागरिक के लिए आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक, मध्यकालिक और अल्पकालिक योजनाओं पर काम कर रही है।
विकास केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं होगा
उन्होंने कहा कि विकास केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कृषि के लिए 15 मई तक सिंचाई जल छोड़ने की घोषणा की और बताया कि वर्तमान में जलाशयों का स्तर 65% है। प्रौद्योगिकी के महत्व पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि राज्य पेपरलेस शासन की ओर बढ़ रहा है, जिससे मोबाइल आधारित सिस्टम के जरिए प्रशासन संभव होगा। मुख्यमंत्री ने उगादी पुरस्कार और कला रत्न सम्मान प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि तेलुगु संस्कृति स्वस्थ और प्रकृति-केंद्रित जीवन को दर्शाती है। उन्होंने उगादी पचड़ी के छह स्वादों का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में सुख-दुख को धैर्य और स्थिरता के साथ सहना चाहिए।
उगादी उत्सव कहां मनाया जाता है?
उगादी मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। खास तौर पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में यह नववर्ष के रूप में प्रसिद्ध है। महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग घर सजाते हैं, पारंपरिक भोजन बनाते हैं और पंचांग श्रवण करते हैं। यह पर्व नई शुरुआत, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
2026 में उगादी कब है?
2026 में उगादी 19 मार्च, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है, जो नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं और मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। परिवार के साथ विशेष व्यंजन बनाकर खुशियां मनाई जाती हैं और आने वाले वर्ष के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं।
उगादी 1997 एक हिट या फ्लॉप फिल्म है?
उगादी 1997 एक तेलुगु फिल्म है, जिसमें उस समय के लोकप्रिय कलाकारों ने अभिनय किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं रही और इसे औसत या फ्लॉप श्रेणी में रखा जाता है। कहानी और प्रस्तुति दर्शकों को खास प्रभावित नहीं कर सकी। बावजूद इसके, कुछ दर्शकों ने इसके संगीत और पारिवारिक भावनाओं को सराहा, लेकिन कुल मिलाकर यह बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर पाई।
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