Savitribai Phule Jayanti : भारत की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक Savitribai Phule की जयंती पर Nara Chandrababu Naidu ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षित करने के लिए उस दौर में समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए सावित्रीबाई ने जो साहसिक कदम उठाए, वही आज की महिला शक्ति की मजबूत नींव बने।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का संघर्ष केवल महिला शिक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने महिलाओं को पुरुषों से भी बेहतर तरीके से अवसरों का उपयोग करने की क्षमता दी। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, यह उसी विचारधारा का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं (Savitribai Phule Jayanti) की शिक्षा अहम भूमिका निभाती है और इसमें सावित्रीबाई फुले का योगदान अविस्मरणीय है। महिला शिक्षा को नई दिशा देने वाली इस महान विभूति को आधुनिक महिलाएं हमेशा कृतज्ञता के साथ याद रखेंगी, ऐसा उन्होंने अपने संदेश में कहा।
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इस अवसर पर मंत्री Nara Lokesh ने भी सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई देश की पहली महिला शिक्षिका थीं और उन्होंने स्त्री शिक्षा और अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
लोकेश ने कहा कि सावित्रीबाई ने शिक्षक के पेशे को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना। सामाजिक विरोध और अपमान सहने के बावजूद उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा के लिए साहस के साथ काम किया। आज की महिला शिक्षिकाओं के लिए वह एक मार्गदर्शक हैं। सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को अपनाकर आगे बढ़ना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ऐसा उन्होंने कहा।
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