Latest Hindi News: Andhra Pradesh-आंध्र प्रदेश में स्क्रब टाइफस का प्रकोप, तीन महिलाओं की मौत

By Anuj Kumar | Updated: December 6, 2025 • 10:53 AM

हैदराबाद,। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों एक खतरनाक बीमारी (Dangerous Disease) तेजी से फैल रही है, जिसका नाम स्क्रब टाइफस है। छोटे कीड़ों के काटने से फैलने वाली इस बीमारी से अब तक तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।

स्क्रब टाइफस के लक्षण क्या हैं?

हेल्थ विशेषज्ञों के मुताबिक इस बीमारी की चपेट में आने वाले मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। यह बीमारी नई नहीं है, बल्कि सालों से आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में हर साल इसके सैकड़ों मामले सामने आते रहे हैं।

पिछले वर्षों में बढ़ते मामलों का ग्राफ

राज्य की हेल्थ अथॉरिटी के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023 में स्क्रब टाइफस के 579 मामलों की पुष्टि हुई थी, जबकि 2024 में यह बढ़कर 803 तक पहुंच गया। 2025 में 30 नवंबर तक 736 लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और अनुमान है कि दिसंबर में यह संख्या और बढ़ सकती है।

सरकार की अपील—डरें नहीं, सावधान रहें

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वाई सत्यकुमार यादव ने लोगों से डरने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी मलेरिया और डेंगू (Dengue) जैसी है, जिसका इलाज संभव है।

यह बीमारी फैलती कैसे है?

विशेषज्ञों के मुताबिक स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो Orientia tsutsugamushi नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यह बैक्टीरिया इंसानों में सीधे नहीं जाता, बल्कि चिगर्स/लार्वल माइट्स नामक छोटे कीड़ों के काटने से शरीर में प्रवेश करता है।

संक्रमण के बाद कब दिखते हैं लक्षण?

रिपोर्ट के अनुसार कीड़े के काटने के 6–10 दिन बाद बीमारी के लक्षण प्रकट होते हैं। कई बार काटे हुए स्थान पर काले रंग का घाव दिखता है, जो डॉक्टरों को पहचान में मदद करता है। गंभीर मामलों में संक्रमण फेफड़ों, किडनी और मस्तिष्क तक भी फैल सकता है।

इलाज कैसे होता है?

इलाज में आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाएं, जैसे डॉक्सीसाइक्लिन, दी जाती हैं, लेकिन इनका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञ रोकथाम के लिए सलाह देते हैं—

समय पर पहचान और सही उपचार से स्क्रब टाइफस से मौतों को रोका जा सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

Read More :

# Health Authority News # Scrub Typhus News #Andhra Pradesh news #Breaking News in Hindi #Dangerous DiseaseNews #Dengue News #Hindi News #Latest news