Britain: ब्रिटेन की नई ‘पहले डिपोर्ट, फिर अपील’ नीति

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विदेशी अपराधियों के लिए सख्त कदम

लंदन: ब्रिटेन(Britain) के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर(Keir Starmer) ने विदेशी अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ‘पहले डिपोर्ट, फिर अपील’ नामक एक नई नीति का ऐलान किया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब ब्रिटेन में अपराध करने वाले विदेशी प्रवासियों को बिना किसी देरी के तुरंत उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।

पहले प्रवासियों को अपने देश वापस भेजने से पहले अपील करने का समय मिलता था, लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है। अब उन्हें अपने देश वापस जाने के बाद ही अपील करने का मौका मिलेगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग रोकना और अपराधियों को महीनों या वर्षों तक अपील के नाम पर ब्रिटेन में रहने से रोकना है

नीति का विस्तार और शामिल देश

इस नई नीति के तहत, ब्रिटेन(Britain) ने कई देशों को अपनी सूची में शामिल किया है, जिनमें भारत, कनाडा, और ऑस्ट्रेलिया(Australia) जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। पहले इस सूची में नाइजीरिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, और अल्बानिया जैसे देश थे। अब गुयाना, केन्या, लातविया, बुल्गारिया और इंडोनेशिया जैसे देशों को भी जोड़ा गया है।

इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि ब्रिटेन(Britain) की जेलें अपनी 100% क्षमता पर चल रही हैं, और विदेशी कैदियों पर सालाना 50 लाख रुपये का भारी खर्च आता है। इस नीति से सरकार को उम्मीद है कि जेलों में जगह खाली होगी और करदाताओं पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।

पाकिस्तान का सूची से बाहर होना और राजनीतिक आरोप

इस नीति के बावजूद, पाकिस्तान को इस सूची से बाहर रखा गया है, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी पार्टी कंजरवेटिव के नेता क्रिस फिल्प ने इस फैसले को सरकार का “यू-टर्न” बताया है और आरोप लगाया है कि स्टार्मर सरकार ने राजनीतिक दबाव में आकर पाकिस्तान को बचाया है।

उनका कहना है कि सरकार सभी विदेशी अपराधियों को डिपोर्ट करने की बजाय कुछ देशों के लोगों को छोड़ रही है। वहीं, सरकार का तर्क है कि सूची में केवल उन्हीं देशों को शामिल किया गया है जिनके साथ कानूनी और प्रशासनिक डिपोर्टेशन समझौते मौजूद हैं।

भारत पर प्रभाव और सरकार का रुख

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विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान को सूची से बाहर रखने के पीछे ब्रिटेन की रणनीति वहां के साथ सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी सहयोग में अपना मोल बढ़ाना है। दूसरी ओर, भारत के मामले में, वीज़ा उल्लंघन, धोखाधड़ी, और आप्रवासन नियमों को तोड़ने के बढ़ते मामलों के कारण स्टार्मर सरकार ने यह सख्त नीति अपनाई है।

इस नीति से भारतीय नागरिकों को, जो ब्रिटेन में किसी भी तरह के अपराध में लिप्त पाए जाते हैं, तुरंत देश वापस भेजा जाएगा और उन्हें अपील करने के लिए अपने देश वापस जाना होगा। यह भारत सरकार के लिए भी एक चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इस फैसले से ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

ब्रिटेन की नई ‘पहले डिपोर्ट, फिर अपील’ नीति क्या है?

यह एक ऐसी नीति है जिसके तहत ब्रिटेन में अपराध करने वाले विदेशी नागरिकों को तुरंत उनके देश वापस भेज दिया जाएगा, उन्हें अपील करने का समय नहीं मिलेगा।

इस नई नीति में कौन से देश शामिल किए गए हैं और किसे बाहर रखा गया है?

इस नीति में भारत, कनाडा, और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को शामिल किया गया है, जबकि पाकिस्तान को इस सूची से बाहर रखा गया है।

ब्रिटेन सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है?

इस नीति का उद्देश्य जेलों में जगह बनाना, करदाताओं पर पड़ने वाला खर्च कम करना और अपील प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकना है।

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Dhanarekha

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