ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు

Anil Ambani: अनिल अंबानी पर ED की बड़ी स्ट्राइक

Author Icon By Dhanarekha
Updated: February 25, 2026 • 8:21 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

₹3716 करोड़ का बंगला ‘एबोड’ जब्त

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई के पाली हिल स्थित अनिल अंबानी(Anil Ambani) के 17 मंजिला आलीशान बंगले ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत की गई इस कार्रवाई में बंगले की कीमत ₹3,716 करोड़ आंकी गई है। यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा किए गए कथित ₹40,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि बैंकों से लिए गए लोन का पैसा गलत तरीके से अन्य कंपनियों और कार्यों में डायवर्ट किया गया था

RCOM का वित्तीय संकट और जांच का दायरा

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस पिछले कई सालों से कर्ज के बोझ तले दबी हुई है और वर्तमान में दिवालियापन (Insolvency) की प्रक्रिया से गुजर रही है। ED की जांच का दायरा केवल इस बंगले तक सीमित नहीं है; एजेंसी अब तक दिल्ली, नोएडा, मुंबई(Anil Ambani) और हैदराबाद समेत कई शहरों में उनकी लगभग ₹15,000 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि किस तरह लोन की राशि का हेरफेर किया गया और किन शेल कंपनियों के जरिए पैसे को ठिकाने लगाया गया।

अन्य पढ़े: कोकिलाबेन अंबानी का 92वां जन्मदिन

प्रोविजनल अटैचमेंट और कानूनी विकल्प

‘प्रोविजनल अटैचमेंट’ का सीधा मतलब है कि अब अनिल अंबानी इस बंगले को न तो बेच सकते हैं और न ही किसी के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, वे इस आदेश को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के एडजुडिकेटिंग(Anil Ambani) अथॉरिटी या हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। यदि अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो बैंकों का बकाया कर्ज वसूलने के लिए इस संपत्ति की नीलामी भी की जा सकती है। 66 मीटर ऊंचा यह बंगला देश के सबसे महंगे रिहायशी घरों में से एक माना जाता है।

ED ने अनिल अंबानी के घर ‘एबोड’ को किस कानून के तहत जब्त किया है?

ED ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत की है। यह रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े ₹40,000 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच का हिस्सा है।

क्या संपत्ति जब्त होने के बाद अनिल अंबानी उसे बेच सकते हैं?

नहीं, ‘प्रोविजनल अटैचमेंट’ के आदेश के बाद उस संपत्ति की बिक्री, हस्तांतरण या उपहार पर कानूनी रोक लग जाती है। संपत्ति को केवल तब ही मुक्त किया जा सकता है जब अदालत आरोपी को आरोपों से बरी कर दे या अटैचमेंट आदेश को रद्द कर दे।

अन्य पढ़े:

#AnilAmbani #Breaking News in Hindi #CorporateFraudNews #EDAction #Google News in Hindi #Hindi News Paper #MoneyLaundering #MumbaiPoshProperty #RelianceCommunications

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.