Bank Auction: बैंक नीलामी का कमाल: 2BHK के बजट में पाएं 3BHK आशियाना

By Dhanarekha | Updated: February 9, 2026 • 2:10 PM

सस्ते घर मिलने की असली वजह

नई दिल्ली: बैंकों द्वारा प्रॉपर्टी की नीलामी(Bank Auction) का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि अपना फंसा हुआ कर्ज (NPA) वसूलना होता है। जब कोई कर्जदार समय पर EMI नहीं चुका पाता, तो बैंक ‘सरफेसी एक्ट’ के तहत उस संपत्ति को कब्जे में ले लेते हैं। खरीदारों को आकर्षित करने और अपनी रिकवरी जल्द पूरी करने के लिए बैंक इन संपत्तियों का ‘रिजर्व प्राइस’ बाजार भाव से 15 से 25% तक कम रखते हैं। यही कारण है कि अक्सर 3BHK फ्लैट उसी कीमत पर मिल जाता है जिसमें आम बाजार में 2BHK मिलता है

नीलामी प्रक्रिया और ई-पोर्टल का उपयोग

नीलामी में शामिल होने के लिए अब लंबी लाइनों की जरूरत नहीं है; यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। इच्छुक खरीदार बैंकों की आधिकारिक वेबसाइटों या विशेष ‘ई-ऑक्शन’ पोर्टल्स पर जाकर लिस्टिंग देख सकते हैं। हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन(Bank Auction) के साथ ‘अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट’ (EMD) जमा करना अनिवार्य है, जो संपत्ति की आधार कीमत का लगभग 10% होता है। बोली लगाने वाले दिन सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को विजेता माना जाता है, बशर्ते वह समय सीमा के भीतर बाकी रकम चुका दे।

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खरीदने से पहले जरूरी सावधानियां

चूंकि बैंक प्रॉपर्टी को ‘जैसा है, जहां है’ के आधार पर बेचते हैं, इसलिए खरीदार(Bank Auction) को खुद सतर्क रहना चाहिए। बोली लगाने से पहले प्रॉपर्टी का फिजिकल वेरिफिकेशन (भौतिक निरीक्षण) जरूर करें ताकि किसी भी टूट-फूट या अवैध कब्जे का पता चल सके। इसके अलावा, पुराने बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स और सोसाइटी के बकाये की जांच कर लेना भविष्य की परेशानियों से बचा सकता है। कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए किसी पेशेवर वकील से कागजों की जांच कराना एक समझदारी भरा कदम है।

क्या बैंक नीलामी से खरीदी गई प्रॉपर्टी पर होम लोन मिल सकता है?

हाँ, बैंक नीलामी वाली प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकता है। हालांकि, नीलामी जीतने के बाद भुगतान के लिए बहुत कम समय (अक्सर 15-30 दिन) मिलता है, इसलिए सलाह दी जाती है कि खरीदार पहले से ही ‘प्री-अप्रूव्ड लोन’ की व्यवस्था रखे।

‘अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट’ (EMD) क्या है और क्या यह वापस मिल सकती है?

EMD वह बयाना राशि है जो नीलामी(Bank Auction) में हिस्सा लेने के लिए शुरू में जमा करनी पड़ती है। यदि आप नीलामी नहीं जीतते हैं, तो बैंक आपकी पूरी राशि वापस कर देता है। लेकिन यदि आप जीत जाते हैं और बाद में पैसा नहीं चुकाते, तो यह राशि जब्त कर ली जाती है।

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