Banks: बैंकों की ‘मिस-सेलिंग’ पर नकेल

By Dhanarekha | Updated: February 24, 2026 • 3:08 PM

निर्मला सीतारमण की सख्त चेतावनी, अब ग्राहकों को मिलेगा पूरा रिफंड

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों(Banks) को अपने मूल काम (कोर बैंकिंग) पर लौटने की हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि बैंक कर्मचारी ग्राहकों को अनावश्यक इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने में अपना समय बर्बाद न करें। रिजर्व बैंक (RBI) अब इस दिशा में कड़े नियम लागू करने की तैयारी में है, ताकि ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके

कोर बिजनेस पर ध्यान दें बैंक: वित्त मंत्री की फटकार

निर्मला सीतारमण ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बैंकों(Banks) का मुख्य काम जमा स्वीकार करना और कर्ज देना है, न कि बीमा एजेंट(Insurance Agent) बनकर काम करना। उन्होंने बताया कि बैंकों और बीमा कंपनियों के बीच ‘अधर में लटके’ इन मामलों के कारण ग्राहकों को परेशानी होती है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैंक कर्मचारी अक्सर अपने टारगेट को पूरा करने के चक्कर में ग्राहकों को गलत वित्तीय उत्पाद बेच देते हैं, जिससे बैंकिंग सिस्टम पर भरोसे की कमी आती है।

क्या है ‘मिस-सेलिंग’ और RBI के नए सख्त नियम?

मिस-सेलिंग तब होती है जब बैंक कर्मचारी किसी ग्राहक को FD कराने या लोन लेने के बदले बीमा पॉलिसी लेने के लिए मजबूर करते हैं या इसे अनिवार्य बताते हैं। आरबीआई की नई ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, यदि कोई बैंक गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचता पाया गया, तो उसे न केवल पूरी रकम वापस (Refund) करनी होगी, बल्कि ग्राहक को हुए नुकसान का मुआवजा(Banks) भी देना होगा। इस नियम पर आम जनता 4 मार्च तक अपनी राय दे सकती है।

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चौंकाने वाले आंकड़े: शिकायतों में 22% हिस्सा मिस-सेलिंग का

IRDAI की ताजा रिपोर्ट बताती है कि बीमा कंपनियों के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला थमा नहीं है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1.20 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं। चिंता की बात यह है कि इसमें ‘अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस’ यानी गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के मामलों की हिस्सेदारी बढ़कर 22.14% हो गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि बैंक कर्मचारी अपनी सीमाओं को पार कर ग्राहकों को गुमराह कर रहे हैं।

क्या बैंक से लोन लेते समय लाइफ इंश्योरेंस लेना अनिवार्य है?

बिल्कुल नहीं। कोई भी बैंक आपको लोन देने के बदले बीमा पॉलिसी(Banks) खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। यदि कोई बैंक कर्मचारी इसे अनिवार्य बताता है, तो यह ‘मिस-सेलिंग’ के दायरे में आता है और आप इसकी शिकायत बैंक के लोकपाल या RBI से कर सकते हैं।

RBI की नई गाइडलाइंस के अनुसार अगर मेरे साथ मिस-सेलिंग हुई है, तो मुझे क्या मिलेगा?

नए नियमों के अनुसार, बैंक को आपके द्वारा चुकाई गई पूरी प्रीमियम राशि वापस करनी होगी। इसके अलावा, आपकी पॉलिसी की शर्तों और बैंक की जवाबदेही के आधार पर आपको हुए आर्थिक नुकसान का मुआवजा भी बैंक को देना होगा।

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