ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు

Cheque Bounce: सरकार ने सख्त नियम लागू किए, जानें क्या हैं नई गाइडलाइंस

Author Icon By digital@vaartha.com
Updated: May 21, 2025 • 5:11 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

Cheque Bounce New Rules: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस को अपराध माना गया है। चेक बाउंस से संबंधित मामलों में बढ़ती गंभीरता को देखते हुए, सरकार ने इसके नियमों को और सख्त कर दिया है।

अगर आप किसी को चेक से पेमेंट करते हैं, तो अब चेक पर अमाउंट लिखते समय ज्यादा सतर्क रहें, क्योंकि चेक बाउंस होने पर आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

चेक बाउंस से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से देखते हुए, सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू हो चुके हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना, पेमेंट सिस्टम में पारदर्शिता लाना और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। आइए जानते हैं

अब चेक बाउंस पर होगी कड़ी सजा

नए कानून के तहत अब चेक बाउंस होने पर दोषी व्यक्ति को पहले से कहीं अधिक कड़ी सजा दी जाएगी। एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस होने पर दोषी को दो साल तक की सजा और चेक की राशि से दोगुनी राशि तक का जुर्माना हो सकता है।

शिकायत करने की समयसीमा बढ़ाई गई

पहले चेक बाउंस होने पर शिकायतकर्ता को एक महीने के भीतर शिकायत दर्ज करानी होती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर तीन महीने कर दिया गया है।

इसका मतलब है कि शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए अधिक समय मिलेगा।

चेक बाउंस की शिकायत अब ऑनलाइन की जा सकेगी, और डिजिटल एविडेंस भी स्वीकार किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।

अब सभी बैंकों के लिए एक समान प्रक्रिया लागू की गई है।

यानी, चेक बाउंस का मामला चाहे किसी भी बैंक से जुड़ा हो, कार्रवाई एक ही तरीके से की जाएगी।

यदि किसी व्यक्ति का चेक तीन बार बाउंस होता है, तो बैंक उस अकाउंट को फ्रीज कर सकता है।

कैसे बचें चेक बाउंस से?

अपने अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखें ताकि चेक बाउंस न हो।

चेक पर तारीख और प्राप्तकर्ता का नाम सही से भरें।

हमेशा अच्छी क्वालिटी की स्याही (काली या नीली) का इस्तेमाल करें।

समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट की जांच करते रहें।

चेक बाउंस: अब है अपराध

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस करना अपराध है।

दोषी को दो साल सजा, चेक राशि का दोगुना जुर्माना, कोर्ट फीस और कानूनी खर्च भी हो सकता है।

इसके अलावा, बैंक 100 से 750 रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकता है।

अन्य पढ़े: Rajasthan : पीएम मोदी कल सड़कों के जाल को करेंगे राष्ट्र को समर्पित

अन्य पढ़े: Aegis Vopak IPO: 26 मई से खुलेगा, जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज

# Paper Hindi News #Ap News in Hindi #Breaking News in Hindi #ChequeBounce #ChequeBounceLaw #FraudPrevention #Google News in Hindi #GovernmentRules #Hindi News Paper #NegotiableInstrumentsAct #NIActAmendments #PaymentSystem bakthi breakingnews delhi trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.