नई दिल्ली : इस महीने चौथी बार महंगी हुई CNG-प्राकृतिक गैस की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब CNG ₹83.09 प्रति किलो हो गई है। इस महीने यह चौथी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं।
अब तक ₹6 प्रति किलो का इजाफा- लगातार बढ़ोतरी के बाद मई महीने में (CNG) की कीमतों में कुल ₹6 प्रति किलो तक की वृद्धि हो चुकी है, जिससे आम लोगों और वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
परिवहन और रोजमर्रा के खर्च पर असर
CNG महंगी होने का असर ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन के किराए पर भी पड़ सकता है। रोजाना सफर करने वालों की जेब पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
ईरान जंग के बीच कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार बढ़ गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी है। दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में ये दाम बढ़ाए गए हैं।
दिल्ली और NCR के शहरों में अब यह होंगे नए रेट्स
- दिल्ली में CNG ₹81.09 प्रति किलो से बढ़कर अब ₹83.09 प्रति किलो हो गई है।
- नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में CNG के लिए ₹91.70 देने होंगे।
- गुरुग्राम में CNG की कीमत बढ़कर ₹88.12 प्रति किलोग्राम कर दी गई है।
पेट्रोल-डीजल के दाम महीने में चौथी बार बढ़े
तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है।
पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।
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तेल कंपनियों को हर दिन 600 करोड़ का घाटा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 25 मई को बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को करीब 600 करोड़ रुपए प्रति दिन का घाटा हो रहा है।
15 मई से शुरू हुए कीमतों में बदलाव से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस बेचने पर कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था।
अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…
मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।
खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री
पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है।
नॉलेज पार्ट:
सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है?
सीएनजी का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से प्राकृतिक रूप से निकलती है।
इसके बाद फैक्ट्रियों में इसे रिफाइन करके इसकी नमी और अशुद्धियां साफ की जाती हैं। फिर इस प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाला जाता है, जिससे यह भारी गैस कम जगह में सिमट जाती है। इसी दबी हुई गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
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