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Coal: चीन में कोयले से बढ़ा केमिकल कारोबार

Author Icon By Dhanarekha
Updated: September 3, 2025 • 9:25 PM
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कोयला सस्ता, कंपनियों की किस्मत चमकी

नई दिल्ली: चीन के केमिकल सेक्टर में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कोयले(Coal) की कीमतों में भारी गिरावट ने कंपनियों को नए मौके दिए हैं। कई कंपनियां कोयले से केमिकल बनाकर बड़े मुनाफे कमा रही हैं, जबकि तेल से काम करने वाली कंपनियां घाटे का सामना कर रही हैं। यही वजह है कि सवाल उठ रहा है कि क्या कोयले से मिलने वाला यह फायदा तेल की अहमियत को कम कर देगा

कोयले से मुनाफा, तेल कंपनियों को झटका

निंग्जिया बाओफेंग एनर्जी(Baofeng Energy) इस समय चीन में कोयले से केमिकल बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने साल की पहली छमाही में 73% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। इसके अलावा, शेनहुआ एनर्जी नामक माइनिंग कंपनी ने बताया कि उसके इनर मंगोलिया स्थित केमिकल प्लांट का मुनाफा लगभग 20 गुना तक बढ़ा है। इसके उलट, तेल रिफाइनिंग की दिग्गज कंपनी सिनोपेक(Sinopec) को इस साल की पहली छमाही में 4.5 बिलियन युआन का नुकसान हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में और अधिक है।

सरकार अब इस असमानता को देखते हुए छोटे प्लांट्स को बंद करने, पुराने प्लांट्स को अपग्रेड करने और एडवांस मटेरियल में निवेश की योजना पर विचार कर रही है। हालांकि, कोयले की गिरती कीमतों ने कंपनियों को फिलहाल मजबूत स्थिति में खड़ा किया है।

विदेशी ऊर्जा पर घटेगी निर्भरता

चीन में कोयले(Coal) की कीमतें चार सालों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे कंपनियों ने अगले पांच सालों में 520 बिलियन युआन का विस्तार करने की योजना बनाई है। इससे उनकी उत्पादन क्षमता करीब एक तिहाई तक बढ़ सकती है। एक बड़ा फायदा यह भी है कि चीन की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि तेल का अधिकांश हिस्सा बाहर से आयात करना पड़ता है, जबकि कोयला देश में ही उपलब्ध है।

हालांकि, नीति विशेषज्ञों को चिंता इस बात की है कि यह मॉडल पर्यावरण पर बोझ डाल सकता है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की रिपोर्ट के अनुसार, कोयले(Coal) से केमिकल बनाने वाले सेक्टर ने पिछले साल 690 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन किया, जो पारंपरिक तेल-आधारित प्लांट्स से 440 मिलियन टन अधिक है।

क्या चीन में कोयले से बने केमिकल उद्योग का विस्तार लंबे समय तक टिकेगा?

जब तक कोयले की कीमतें सस्ती बनी रहेंगी, यह सेक्टर आगे बढ़ता रहेगा। लेकिन प्रदूषण बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण भविष्य में सरकार इस पर सख्त कदम भी उठा सकती है।

कोयले से केमिकल उत्पादन से चीन को क्या आर्थिक फायदा होगा?

इससे चीन की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी और घरेलू उत्पादन मजबूत होगा। कंपनियों को मुनाफा मिलेगा और नई नौकरियां पैदा होंगी, हालांकि प्रदूषण का खतरा बना रहेगा।

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