DGCA: इंडिगो संकट में DGCA पर सख्त कार्रवाई

By Dhanarekha | Updated: December 28, 2025 • 2:52 PM

उड़ान गड़बड़ी पर सरकार का कड़ा रुख

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो से जुड़े उड़ान शेड्यूल संकट के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली(Delhi) में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर विमानन नियामक डीजीसीए(DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में यात्रियों को ऐसी भारी अव्यवस्थाओं का सामना न करना पड़े। हालिया घटनाओं ने नियामक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार डीजीसीए के फ्लाइट स्टैंडर्ड्स डायरेक्ट्रेट के प्रमुख को पद से हटा दिया गया है। यह वही इकाई है जो पायलटों की ड्यूटी समय सीमा और एयरलाइंस के संचालन मानकों की निगरानी करती है। भारत(India) में हवाई यातायात के लगातार बढ़ते दबाव के बीच इस तरह की चूक को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है

अधिकारी हटे, जांच का दायरा बढ़ा

सूत्र बताते हैं कि फ्लाइट स्टैंडर्ड्स डायरेक्ट्रेट का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एक अतिरिक्त निदेशक से भी यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। अब वे केवल एयरस्पेस और एयर नेविगेशन मानकों से जुड़े काम देखेंगे। इसी अधिकारी पर शैक्षणिक योग्यता से जुड़े आरोपों की भी जांच चल रही है।

इस महीने की शुरुआत में इंडिगो की लगभग 5,000 उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसके बाद डीजीसीए के चार फ्लाइट ऑपरेशंस निरीक्षकों को उनकी मूल एयरलाइन में वापस भेज दिया गया। हालांकि, उद्योग के कुछ लोगों का मानना है कि ये अधिकारी पूरी व्यवस्था की खामियों का शिकार बने।

DGCA की संरचना पर उठे सवाल

एविएशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ लंबे समय से डीजीसीए की संरचना में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में यह संस्था सीमित संसाधनों और कर्मचारियों के साथ काम कर रही है। इसलिए प्रभावी निगरानी करना मुश्किल हो जाता है।

कई रिपोर्टों में सुझाव दिया गया है कि डीजीसीए को एक स्वतंत्र और स्वायत्त नागरिक उड्डयन प्राधिकरण बनाया जाना चाहिए। हालांकि इससे पहले भी ऐसे प्रस्ताव आए हैं, लेकिन वे अमल में नहीं आ सके। मौजूदा संकट ने इस बहस को फिर से तेज कर दिया है।

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2025 की घटनाओं से बढ़ी चिंता

विमानन उद्योग के अनुभवी लोगों का कहना है कि पूरे 2025 में कई घटनाओं ने नियामक एजेंसियों की कमजोरियों को उजागर किया। अहमदाबाद में विमान हादसे की जांच और दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल में तकनीकी खराबी इसके उदाहरण बताए जा रहे हैं।

इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसलिए सरकार पर दबाव है कि वह डीजीसीए की जवाबदेही तय करे और सुधारों को तेज करे। आगे चलकर और अधिकारियों पर कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

इंडिगो उड़ान रद्द होने का मुख्य कारण क्या रहा

उड़ानों का शेड्यूल और पायलट ड्यूटी प्रबंधन सही तरीके से नहीं हो पाया। निगरानी में कमी के चलते हालात बिगड़ते चले गए। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा।

डीजीसीए में सुधार क्यों जरूरी माने जा रहे हैं

नियामक संस्था की मौजूदा क्षमता बढ़ते ट्रैफिक के अनुरूप नहीं है। स्वतंत्र और मजबूत ढांचे से निगरानी बेहतर हो सकती है। इससे भविष्य में बड़े संकट रोके जा सकते हैं।

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