नई दिल्ली: अब सोशल मीडिया पर मौजूद हर उस फोटो, वीडियो या ऑडियो(Digital) पर लेबल लगाना जरूरी होगा जिसे एआई (AI) की मदद से बनाया गया है। जैसे खाद्य पदार्थों पर शाकाहारी या मांसाहारी होने का निशान होता है, वैसे ही अब एआई कंटेंट के कोने पर “AI Generated” लिखा होना अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को असली और बनावटी (फर्ब्रिकेटेड) कंटेंट के बीच अंतर समझाना है, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम या धोखे से बचा जा सके।
मेटाडेटा और ‘डिजिटल डीएनए’ की सुरक्षा
हर एआई फाइल के अंदर एक ‘टेक्निकल मार्कर’ या मेटाडेटा(Digital) होगा, जिसे उस फाइल का डिजिटल डीएनए कहा जा सकता है। इसमें यह जानकारी छिपी होगी कि कंटेंट(Content) कब, किस टूल से और कहाँ से पहली बार अपलोड किया गया। सरकार ने इस मेटाडेटा या लेबल के साथ छेड़छाड़ करने या उसे हटाने की कोशिश को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। यदि कोई प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट को बिना लेबल के चलने देता है, तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार माना जाएगा।
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3 घंटे की सख्त डेडलाइन और कार्रवाई
नए नियमों के तहत, आपत्तिजनक या भ्रामक एआई कंटेंट को हटाने की समय सीमा 36 घंटे से घटाकर मात्र 3 घंटे कर दी गई है। यदि सोशल मीडिया(Digital) कंपनियां इस निर्धारित समय के भीतर डीपफेक या अश्लील कंटेंट नहीं हटाती हैं, तो उनका ‘सेफ हार्बर’ (कानूनी सुरक्षा कवच) खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि पुलिस अब सीधे कंपनियों पर भी केस दर्ज कर सकेगी। यह नियम विशेष रूप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी और चुनावी हेरफेर जैसे गंभीर अपराधों को रोकने के लिए लाया गया है।
क्या मेरी साधारण फोटो को एडिट करना भी ‘सिंथेटिकली जनरेटेड इंफॉर्मेशन’ (SGI) माना जाएगा?
नहीं। अगर आप फोटो की ब्राइटनेस बढ़ाते हैं, बैकग्राउंड का शोर कम करते हैं, वीडियो कंप्रेस करते हैं या किसी भाषा का अनुवाद करते हैं, तो इसे SGI नहीं माना जाएगा। यह नियम(Digital) केवल उन कंटेंट पर लागू होता है जो एआई के जरिए पूरी तरह नए सिरे से बनाए गए हों और असली दिखने का धोखा देते हों।
‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा क्या है और यह कब खत्म हो सकती है?
‘सेफ हार्बर’ एक कानूनी ढाल है जो सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर द्वारा डाले गए गलत पोस्ट के लिए जिम्मेदार होने से बचाती है। हालांकि, अगर कंपनियां सरकार या कोर्ट के आदेश के बाद 3 घंटे के भीतर विवादित एआई कंटेंट नहीं हटाती हैं, तो यह सुरक्षा खत्म हो जाएगी और कंपनी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाएगी।
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