ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు

FDI: अमेरिका से भारत में बढ़ा निवेश

Author Icon By Dhanarekha
Updated: May 24, 2026 • 11:51 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

विदेशी निवेश में बदला बड़ा ट्रेंड

नई दिल्ली: भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका(US) अब भारत में एफडीआई(FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है और उसने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है। पिछले वित्त वर्ष में अमेरिकी निवेश दोगुने से अधिक बढ़कर 11 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। हालांकि सिंगापुर अभी भी भारत में सबसे बड़ा निवेशक बना हुआ है।

नई दिल्ली और सिंगापुर(Singapore) से जुड़े निवेश आंकड़ों के अनुसार कंपनियां अब टैक्स हेवन देशों के बजाय सीधे भारत में निवेश करना पसंद कर रही हैं। इसके साथ ही जापान से भी निवेश में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मानना(FDI) है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और सप्लाई चेन सुधारों ने विदेशी कंपनियों का भरोसा मजबूत किया है

अन्य पढ़े: Sensex : सेंसेक्स 232 अंक चढ़कर 75,415 पर बंद

टेक्नोलॉजी और फूड सेक्टर में उछाल

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में सबसे अधिक विदेशी निवेश दर्ज किया गया। डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है। इसी कारण फूड प्रोसेसिंग और शिपिंग सेक्टर में भी निवेश तेजी से बढ़ा है, जिससे रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार निवेश बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। दूसरी ओर सरकार उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है जहां भारत अब भी कुछ देशों पर ज्यादा निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेश में यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।

अमेरिका से निवेश बढ़ने की बड़ी वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार कंपनियां अब टैक्स हेवन देशों के बजाय सीधे भारत में निवेश कर रही हैं। डिजिटल सेक्टर, डेटा सेंटर और मजबूत बाजार क्षमता ने अमेरिकी कंपनियों को आकर्षित किया है। इससे एफडीआई प्रवाह में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा विदेशी पूंजी आई?

तकनीक, फूड प्रोसेसिंग और शिपिंग सेक्टर में सबसे अधिक निवेश दर्ज किया गया है। डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती मांग इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #EconomicGrowth #FDI #ForeignInvestment #Google News in Hindi #Hindi News Paper #IndianEconomy #IndiaUS #InvestmentInIndia

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.