नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू हुई डीजल सप्लाई
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर(Global Level) पर ऊर्जा संकट(Fuel) गहरा गया है, जिसके चलते बांग्लादेश(Bangladesh) भीषण ईंधन किल्लत का सामना कर रहा है। अपनी इस पड़ोसी देश की मदद के लिए भारत ने असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी से ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए डीजल की 5,000 टन की पहली खेप भेजकर आपूर्ति शुरू कर दी है। यह कदम दोनों देशों के बीच फिर से मजबूत होते ऊर्जा संबंधों को दर्शाता है।
ईंधन किल्लत और ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’
बांग्लादेश अपनी ईंधन जरूरतों का लगभग 95% हिस्सा मिडिल ईस्ट(Fuel) से आयात करता है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर तनाव बढ़ गया है, जिससे सप्लाई चेन ठप हो गई है। बांग्लादेश के कई शहरों में पेट्रोल की राशनिंग लागू है और पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ऐसे में नुमालीगढ़ रिफाइनरी से दिनाजपुर (पार्बतीपुर डिपो) तक जाने वाली यह पाइपलाइन बांग्लादेश के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों की बचत हो रही है।
सालाना समझौता और भविष्य की उम्मीदें
भारत और बांग्लादेश के बीच हुए एक दीर्घकालिक समझौते के तहत, भारत सालाना 1.80 लाख टन डीजल की आपूर्ति करेगा। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन(Fuel) के अनुसार, यह 5,000 टन की खेप उसी समझौते का हिस्सा है और अगले छह महीनों में 90,000 टन डीजल मिलने की उम्मीद है। यह आपूर्ति न केवल बांग्लादेश की तत्काल जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि वहां की अर्थव्यवस्था को ईंधन के मोर्चे पर स्थिरता भी प्रदान करेगी।
कूटनीतिक सुधार और ऊर्जा सुरक्षा
शेख हसीना सरकार के जाने और राजनीतिक बदलावों के बाद, भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कुछ समय के लिए कड़वाहट देखी गई थी। बिजली और गैस समझौतों की समीक्षा और बकाया भुगतान को लेकर उत्पन्न विवादों ने ऊर्जा संबंधों को प्रभावित किया था। हालांकि, अब भारत द्वारा डीजल की निर्बाध सप्लाई यह संकेत देती है कि दोनों पड़ोसी देश मतभेदों को पीछे छोड़कर फिर से अपने ऊर्जा संबंधों को पटरी पर लाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि भौगोलिक निकटता के कारण भारत बांग्लादेश के लिए सबसे भरोसेमंद ऊर्जा भागीदार बना हुआ है।
भारत बांग्लादेश को किस पाइपलाइन के जरिए डीजल भेज रहा है?
भारत ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए डीजल की आपूर्ति कर रहा है, जो असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है।
बांग्लादेश में वर्तमान में ईंधन संकट क्यों है?
बांग्लादेश अपनी ईंधन जरूरत का 95% हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में तनाव के चलते बांग्लादेश में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है।
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