नई दिल्ली: सोने(Gold) और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों(Investors) को चौंका दिया है। पिछले दो दिनों में चांदी ₹16,000 और सोना ₹5,000 महंगा होकर नए स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के कारण कीमती धातुओं की चमक कम होने का नाम नहीं ले रही है।
बाजार का हाल: दो दिन में भारी बढ़त
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के पार निकल गई है। चांदी में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है, जो अब ₹2.66 लाख प्रति किलो के स्तर(Gold) पर बिक रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में यही रुख रहा, तो सोना जल्द ही ₹1.80 लाख के आंकड़े को छू सकता है।
ऐतिहासिक रिटर्न: 2025-26 का सफर
साल 2025 सोने(Gold) और चांदी के लिए ‘गोल्डन ईयर’ साबित हुआ है, जहां सोने ने 75% और चांदी ने 167% का रिटर्न दिया। 2026 में भी यह सिलसिला जारी है। जनवरी में चांदी ने ₹3.86 लाख का अपना ऑल-टाइम हाई बनाया था। UBS जैसी वैश्विक संस्थाओं का अनुमान है कि 2026 में केंद्रीय बैंक अपनी खरीदारी बढ़ाकर 950 टन कर सकते हैं, जिससे कीमतों को और सहारा मिलेगा।
अन्य पढ़े: IDFC फर्स्ट बैंक संकट: ₹590 करोड़ के फ्रॉड से शेयर 20% टूटा
खरीदारी की समझदारी: शुद्धता और जांच
आसमान छूती कीमतों के बीच ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। साथ ही, खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर 24, 22 और 18 कैरेट के रेट्स को क्रॉस-चेक जरूर करें। सही वजन और हॉलमार्किंग का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) आपकी मेहनत की कमाई की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
2026 में सोने की कीमत कहाँ तक जा सकती है?
वैश्विक निवेश बैंक UBS की रिपोर्ट के अनुसार, साल के मध्य तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकता है, जो भारतीय बाजार में लगभग ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर होगा।
सोना खरीदते समय हॉलमार्किंग क्यों जरूरी है?
हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की गारंटी(Gold) देती है। BIS हॉलमार्क और अल्फ़ान्यूमेरिक कोड के जरिए आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप जिस कैरेट का पैसा दे रहे हैं, आपको वही शुद्धता मिल रही है।
अन्य पढ़े: