AI के भारी निवेश के बीच 15,000 नौकरियों पर संकट
नई दिल्ली: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा(Meta) (फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) अपने कुल वर्कफोर्स में से लगभग 20% कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से करीब 15,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी यह कठोर कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे अरबों डॉलर के खर्च और डेटा सेंटर्स की बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए उठा रही है। हालांकि, मेटा के आधिकारिक प्रवक्ता ने फिलहाल इन खबरों को महज ‘काल्पनिक’ बताया है।
AI स्टार्टअप्स की खरीदारी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश
मेटा एआई की वैश्विक रेस में बने रहने के लिए आक्रामक रूप से निवेश कर रही है। कंपनी ने हाल ही में ‘स्केल एआई’ जैसे स्टार्टअप को 14.5 बिलियन डॉलर में खरीदा है और 2028 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 600 बिलियन डॉलर खर्च करने का लक्ष्य रखा है। मार्क जुकरबर्ग(Meta) का मानना है कि एआई ने कार्यक्षमता को इतना बढ़ा दिया है कि अब बड़े प्रोजेक्ट्स(Projects) के लिए बड़ी टीमों की आवश्यकता नहीं रह गई है। वर्कफोर्स में यह कटौती इसी ‘एआई-संचालित उत्पादकता’ की ओर बढ़ने का एक हिस्सा मानी जा रही है।
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टेक जगत में बदलता परिदृश्य और छंटनी का इतिहास
यदि यह छंटनी होती है, तो यह मेटा के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी कटौती होगी। इससे पहले 2022 और 2023 में भी कंपनी हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी है। केवल मेटा ही नहीं, बल्कि अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और एक्सेंचर जैसी अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी एआई मॉडल में निवेश के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या को पुनर्गठित(Meta) कर रही हैं। मेटा का नया एआई मॉडल ‘एवोकाडो’ देरी से चल रहा है, जिसकी भरपाई के लिए कंपनी अब नए स्टार्टअप्स और प्रतिभाओं को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मेटा द्वारा इस संभावित छंटनी का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश, नए एआई स्टार्टअप्स की खरीदारी (जैसे स्केल एआई) और डेटा सेंटर्स की बढ़ती लागत को मैनेज करना है।
मार्क जुकरबर्ग का एआई और टीम साइज को लेकर क्या नजरिया है?
जुकरबर्ग का मानना है कि एआई की मदद से अब वो काम एक अकेला प्रतिभाशाली व्यक्ति कर सकता है, जिसे पहले पूरा करने के लिए बड़ी टीमों की जरूरत पड़ती थी, जिससे कर्मचारियों की आवश्यकता कम हुई है।
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