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Mid-Cap: मिड-कैप फंड का कमाल: 1 साल में 29% रिटर्न

Author Icon By Dhanarekha
Updated: February 13, 2026 • 3:25 PM
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क्या हैं मिड-कैप फंड और इनमें निवेश के फायदे?

नई दिल्ली: मिड-कैप(Mid-Cap) म्यूचुअल फंड उन कंपनियों में पैसा लगाते हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) ₹5,000 करोड़ से अधिक लेकिन ₹20,000 करोड़ से कम होता है। रैंकिंग के लिहाज से देखें तो 101वीं से 250वीं रैंक वाली कंपनियां इस श्रेणी में आती हैं। इन फंड्स ने पिछले एक साल में निवेशकों को लगभग 29% तक का शानदार रिटर्न(Great Returns) दिया है। ये कंपनियां लार्ज-कैप की तुलना में तेजी से बढ़ने की क्षमता रखती हैं, जिससे निवेशकों को लंबी अवधि में मोटा मुनाफा होने की संभावना रहती है

जोखिम और पोर्टफोलियो प्रबंधन: कितना पैसा लगाएं?

रिटर्न जितना आकर्षक है, इसमें जोखिम भी उतना ही अधिक होता है। मिड-कैप(Mid-Cap) कंपनियों पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर लार्ज-कैप (बड़ी कंपनियों) की तुलना में ज्यादा पड़ता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि आपको अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो(Portfolio) का केवल 20 से 30% हिस्सा ही मिड-कैप फंड्स में रखना चाहिए। यदि आप 5 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश करने का धैर्य रखते हैं, तभी यह कैटेगरी आपके लिए सही है। कम अवधि के लिए इसमें निवेश करना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

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SIP के जरिए कम करें रिस्क: निवेश की स्मार्ट रणनीति

मिड-कैप फंड्स में एकमुश्त(Mid-Cap) पैसा लगाने के बजाय सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश करना सबसे बेहतर माना जाता है। SIP के माध्यम से आप हर महीने एक छोटी और निश्चित राशि निवेश करते हैं, जिससे ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ का लाभ मिलता है। इसका मतलब है कि जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार चढ़ता है तो कम, जिससे समय के साथ आपके निवेश की लागत औसत हो जाती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो जाता है।

मिड-कैप कंपनियां कौन सी होती हैं?

शेयर बाजार में 101वीं से 250वीं रैंकिंग वाली कंपनियों को मिड-कैप कहा जाता है। इनका मार्केट कैप ₹5,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ के बीच होता है। ये कंपनियां छोटी कंपनियों से बड़ी और स्थापित कंपनियों से छोटी होती हैं।

क्या मिड-कैप फंड में निवेश करना सुरक्षित है?

मिड-कैप फंड्स को लार्ज-कैप(Mid-Cap) फंड्स की तुलना में अधिक जोखिम भरा माना जाता है। हालांकि इनमें रिटर्न ज्यादा मिलता है, लेकिन बाजार गिरने पर इनमें गिरावट भी तेजी से आती है। इसलिए, इसमें तभी निवेश करें जब आप कम से कम 5-7 साल के लिए पैसा लगा सकें।

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