NCR: AI समिट का असर: दिल्ली-NCR में होटलों का किराया आसमान पर

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लग्जरी होटलों में भारी उछाल और रिकॉर्ड कीमतें

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ ने होटल इंडस्ट्री के समीकरण बदल दिए हैं। सुंदर पिचई और सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों की मौजूदगी(NCR) के कारण दिल्ली ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम और नोएडा(Noida) के लग्जरी होटलों के किराए में 300% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। गुरुग्राम के ‘द लीला एम्बिएंस’ में एक रात का किराया ₹6.15 लाख तक पहुंच गया है। डिमांड इतनी अधिक है कि मार्च के मुकाबले अभी के रेट्स तीन से छह गुना ज्यादा वसूले जा रहे हैं

NCR के अन्य शहरों में ‘डिमांड-सप्लाई’ का संकट

दिल्ली(Delhi) के होटल पूरी तरह बुक होने के कारण मेहमानों ने गुरुग्राम और नोएडा(NCR) का रुख किया है। नोएडा में तो प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, जहां ₹14,000 वाला सुइट ₹89,000 के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के मुकाबले कमरों की संख्या काफी कम है। इसी ‘सप्लाई गैप’ के कारण मिड-स्केल बिजनेस होटलों ने भी अपने दाम दोगुने कर दिए हैं, जिससे आम यात्रियों के लिए ठहरना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

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विवाद और विशेषज्ञों की राय

होटलों के इस बेतहाशा किराए पर बहस भी छिड़ गई है। इंफोसिस के पूर्व CFO मोहनदास पई ने इसे “भारत की बदनामी” करार दिया है और होटल चेन्स के लिए एक ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ की मांग की है। वहीं, टूरिज्म सेक्टर के जानकारों का कहना है कि जब तक होटल निर्माण की प्रक्रिया सरल नहीं होगी और कमरों की संख्या नहीं बढ़ेगी, तब तक बड़े आयोजनों के दौरान ऐसी स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल 20 फरवरी तक दिल्ली-NCR के होटल पूरी तरह ‘पैक’ रहने की उम्मीद है।

एआई समिट के दौरान दिल्ली के अलावा किन शहरों के होटलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है?

दिल्ली के अलावा गुरुग्राम और नोएडा के होटलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। गुरुग्राम में लग्जरी सुइट्स के दाम ₹6 लाख के पार चले गए हैं, जबकि नोएडा में कुछ होटलों के किराए में 6 गुना (लगभग 600%) तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

मोहनदास पई ने होटल किरायों को लेकर क्या चिंता जताई है?

मोहनदास पई ने कहा कि ₹30 लाख तक का किराया वसूलना बेतुका है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि होटल इंडस्ट्री को एक ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ बनाना चाहिए ताकि मेहमानों को लूटने जैसी स्थिति पैदा न हो।

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Dhanarekha

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