शांति की खबर से निवेशकों में उत्साह
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा ने पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज(Pakistani Stock Market) में जान फूंक दी है। बुधवार, 8 अप्रैल को कराची 100 इंडेक्स (KSE) 14,162 अंक यानी 9.34% की ऐतिहासिक बढ़त के साथ 1,65,836 पर बंद हुआ। यह पाकिस्तान के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में बाजार में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन मध्यस्थता के सफल प्रयासों ने निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल कर दिया है।
मध्यस्थता का असर: तेल की कीमतों में भारी गिरावट
पाकिस्तान और चीन की सफल मध्यस्थता के कारण अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध थमने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 15% की कमी आई है। क्रूड ऑयल अब $94.27 प्रति बैरल पर आ गया है, जो छह साल की सबसे बड़ी गिरावट है। तेल सस्ता होने से पाकिस्तान में महंगाई से जूझ रही जनता को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह तक वहां पेट्रोल ₹458 और डीजल ₹520 प्रति लीटर के पार पहुंच गया था।
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वैश्विक बाजारों पर प्रभाव: भारत का सेंसेक्स भी चमका
सीजफायर का सकारात्मक असर केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे एशिया के बाजारों में तेजी देखी गई। भारत का सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़कर 77,563 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी क्रमशः 5% और 6% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। युद्धविराम के बाद अब शांति वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने की संभावना है, जिससे भविष्य में और स्थिरता आने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी शेयर बाजार में आई इस रिकॉर्ड तेजी का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता से हुए 2 हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) के ऐलान के कारण बाजार में यह ऐतिहासिक उछाल आया है।
युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
युद्धविराम की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में 15% की भारी गिरावट आई और दाम $15 गिरकर $94.27 प्रति बैरल पर पहुंच गए।
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