भारत ने रेलवे आधुनिकीकरण में रचा इतिहास
नई दिल्ली: नई दिल्ली में जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत(India) ने रेलवे(Rail) इलेक्ट्रिफिकेशन के क्षेत्र में अद्भुत प्रगति दर्ज की है। 1950 में जहां सिर्फ 0.7% रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिक था, वहीं अब यह 98.8% तक पहुँच चुका है। यह उपलब्धि अमेरिका, कनाडा, जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों को भी पीछे छोड़ती है, क्योंकि इन विकसित देशों में इलेक्ट्रिफिकेशन काफी कम है।
आजादी के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन की शुरुआत धीमी रही, लेकिन दशकों में इसकी गति बढ़ती गई। 1961 में यह केवल 1.3% था, जबकि 1971 में 7.6% तक पहुंचा। फिर 1981 तक यह 8.7% पर रुका रहा, मगर 1991 तक यह दोगुना होकर 16% हो गया। 2001 तक इलेक्ट्रिफिकेशन 23.6% तक पहुँच चुका था, जो आगे की तेज प्रगति की नींव बना।
पिछले दशक में दिखाई तेज रफ्तार
2011 तक देश का केवल 29.6% रेल नेटवर्क(Network) इलेक्ट्रिफाई था और 2014 में यह 33% पर पहुँचा। इसके बाद रेलवे आधुनिकीकरण को नई गति मिली और उधर 2020 तक यह बढ़कर 58.7% हो गया। सरकार के लगातार प्रयासों से 2025 में इलेक्ट्रिफिकेशन 98.8% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, जिससे भारत दुनिया के सबसे अधिक इलेक्ट्रिफाइड रेल देशों में शामिल हो गया।
स्विट्जरलैंड और सिंगापुर जैसे देश पहले ही 100% इलेक्ट्रिफिकेशन हासिल कर चुके हैं। बेल्जियम में यह 82% है, जबकि साउथ कोरिया, स्वीडन, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया और जापान 75–78% के बीच हैं। इसके मुकाबले अमेरिका और कनाडा में यह 1% से भी कम है, जहाँ आज भी ज्यादातर ट्रेनें डीज़ल पर चलती हैं।
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भारत का मॉडल क्यों माना जा रहा सफल?
भारत की तेज प्रगति का एक कारण लगातार तकनीकी सुधार और व्यापक बजट आवंटन है। पिछले दस वर्षों में ट्रैक अपग्रेडेशन, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और पर्यावरण-अनुकूल योजना पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे न सिर्फ ऊर्जा-दक्ष ट्रेन संचालन संभव हुआ बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की रणनीति विकसित देशों के लिए भी सीख बन सकती है। विशाल नेटवर्क को इतनी तीव्र गति से इलेक्ट्रिफाई करना आधुनिक योजना, संसाधन प्रबंधन और नीति-निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
भारत रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में इतनी तेजी कैसे ला पाया?
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश, निरंतर तकनीकी सुधार और राज्यों के साथ समन्वय से यह प्रगति संभव हुई। साथ ही, पर्यावरण-हितैषी नीतियों ने इलेक्ट्रिक नेटवर्क को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या भारत विश्व का अग्रणी इलेक्ट्रिक रेलवे नेटवर्क बन सकता है?
98.8% तक पहुंचने के बाद भारत इस लक्ष्य से केवल एक कदम दूर है। तीव्र गति से जारी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक इलेक्ट्रिफाइड रेलवे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
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