कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट और वर्तमान स्थिति
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार (MCX) में पिछले तीन दिनों के भीतर सोने और चांदी(Silver) की कीमतों में जबरदस्त सुधार देखा गया है। चांदी, जो हाल ही में ₹4 लाख के पार चली गई थी, अब गिरकर ₹2.41 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। इसी तरह, सोने की कीमतों में भी लगभग ₹30,000 की कमी आई है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.42 लाख (सर्राफा बाजार) के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट मुख्य रूप से ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई ‘मुनाफा वसूली’ (Profit Booking) का परिणाम है।
मार्जिन मनी में वृद्धि और कीमतों पर दबाव
कीमतों के गिरने के पीछे एक तकनीकी कारण मार्जिन मनी में की गई बढ़ोतरी है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने पर मार्जिन को 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी(Silver) पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। जब मार्जिन बढ़ता है, तो ट्रेडर्स को सौदे बनाए रखने के लिए एक्सचेंज को ज्यादा नकदी देनी पड़ती है। अतिरिक्त फंड न होने की स्थिति में ट्रेडर्स अपनी पोजीशन बेचने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ती है और कीमतें नीचे आ जाती हैं।
अन्य पढ़े: बजट से पहले ही ‘धुआं’ हुई राहत
खरीदारों के लिए सावधानी और शुद्धता की पहचान
बाजार में आई इस गिरावट के बीच आम खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID) की जांच करनी चाहिए। साथ ही, चांदी(Silver) की शुद्धता परखने के लिए चुंबक और बर्फ जैसे घरेलू परीक्षण किए जा सकते हैं। कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए, खरीदारी से पहले विभिन्न आधिकारिक स्रोतों जैसे IBJA की वेबसाइट से भाव क्रॉस-चेक करना अनिवार्य है।
कमोडिटी मार्केट में ‘मार्जिन’ क्या होता है और इसके बढ़ने से दाम क्यों गिरते हैं?
मार्जिन वह सिक्योरिटी राशि है जो किसी ट्रेडर को बड़ा सौदा करने के लिए एक्सचेंज के पास जमा करनी होती है। जब मार्जिन(Silver) बढ़ता है, तो ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन सुरक्षित रखने के लिए और अधिक पैसा देना पड़ता है। फंड की कमी होने पर वे अपना सोना या चांदी बेचने लगते हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ जाती है और कीमतें गिर जाती हैं।
चांदी की शुद्धता की पहचान ‘आइस टेस्ट’ (बर्फ परीक्षण) से कैसे की जा सकती है?
चांदी ऊष्मा की बहुत अच्छी सुचालक होती है। यदि आप असली चांदी के टुकड़े पर बर्फ रखते हैं, तो वह सामान्य तापमान की तुलना में बहुत तेजी से पिघलने लगेगी क्योंकि चांदी बर्फ की ठंडक को तेजी से सोखकर वातावरण की गर्मी उस तक पहुंचाती है।
अन्य पढ़े: