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Tata Sons: टाटा संस में नेतृत्व का संकट

Author Icon By Dhanarekha
Updated: February 25, 2026 • 3:29 PM
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चंद्रशेखरन के कार्यकाल पर फिलहाल ‘ब्रेक’

नई दिल्ली: टाटा संस(Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई बोर्ड मीटिंग बिना किसी ठोस निर्णय(Solid Decision) के समाप्त हो गई। मीटिंग के दौरान उनके कार्यकाल विस्तार के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद खुद चंद्रशेखरन ने इसे टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा ग्रुप की सफलता के लिए टाटा संस (होल्डिंग कंपनी) और टाटा ट्रस्ट्स (मुख्य शेयरधारक) के बीच पूर्ण सामंजस्य होना अनिवार्य है। इस गतिरोध ने ग्रुप के शीर्ष नेतृत्व के भीतर वैचारिक मतभेदों को उजागर कर दिया है

नोएल टाटा की चार कड़ी शर्तें और घाटे पर चिंता

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा(Tata Sons) ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें रखी हैं। उन्होंने एयर इंडिया और बिगबास्केट जैसे नए अधिग्रहणों में हो रहे घाटे पर चिंता जताई और मांग की कि टाटा संस को पूरी तरह कर्ज मुक्त (Debt Free) रखा जाए। नोएल टाटा का तर्क है कि हाई-रिस्क वाले बिजनेस में भारी निवेश से कंपनी के रिजर्व फंड को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट न करने (Unlisted रखने) की शर्त भी रखी है, जो कि मौजूदा RBI नियमों के लिहाज से एक चुनौतीपूर्ण मांग है।

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सरकार का दखल और भविष्य की राह

रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस(Tata Sons) के बीच बोर्ड सीटों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सरकार तक पहुंच गया है। हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक की, जिसमें आपसी मतभेदों को जल्द सुलझाने की सलाह दी गई ताकि कंपनी के वैश्विक कामकाज पर असर न पड़े। चंद्रशेखरन का वर्तमान कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है और यदि उन्हें फरवरी 2027 के बाद पद पर बने रहना है, तो बोर्ड को उम्र संबंधी नियमों में विशेष छूट देनी होगी।

नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार के लिए कौन सी मुख्य शर्तें रखी हैं?

नोएल टाटा ने चार शर्तें रखी हैं: 1. टाटा संस को अनलिस्टेड रखा जाए, 2. कंपनी को पूरी तरह कर्ज मुक्त बनाया जाए, 3. नए हाई-रिस्क बिजनेस में कैपिटल खर्च पर लगाम लगे, और 4. एयर इंडिया एवं बिगबास्केट जैसे नए व्यवसायों के घाटे को कम किया जाए।

टाटा ग्रुप में टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स की क्या भूमिका है?

टाटा संस, टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों की मुख्य इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर कंपनी है। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की 66% हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि टाटा ट्रस्ट्स ही अंततः यह तय करता है कि टाटा संस का नेतृत्व कौन करेगा और ग्रुप की दिशा क्या होगी।

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