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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 24 मार्च की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के स्थानांतरण की औपचारिक अधिसूचना जारी की। सर्वोच्च न्यायपालिका ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को न्यायमूर्ति वर्मा को कोई भी न्यायिक कार्य न सौंपने का निर्देश दिया है।
बेहिसाब नकदी मिलने के बाद यह आदेश
ब नकदी दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय के लिए पहले भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। यह घटनाक्रम 14 मार्च की शाम को न्यायमूर्ति वर्मा के आवास पर लगी आग के बाद हुआ है, जिसके बाद कथित तौर पर दमकलकर्मियों को बेहिसाब नकदी मिली थी। जली हुई नकदी बरामदगी का एक वीडियो कथित तौर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ साझा किया था। न्यायमूर्ति वर्मा और उनकी पत्नी उस समय दिल्ली में मौजूद नहीं थे, क्योंकि वे मध्य प्रदेश में यात्रा कर रहे थे। आग लगने के समय उनकी बेटी और बुजुर्ग मां घर पर थीं। 21 मार्च को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने आंतरिक जांच शुरू की और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट ने घटना के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट और न्यायमूर्ति वर्मा की प्रतिक्रिया भी प्रकाशित की ह