मुंबई । चेक बाउंस केस में अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए अभिनेता राजपाल यादव (Actor Rajpal Yadav) ने कैदियों की परिस्थितियों को लेकर सरकार से विशेष अपील की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह शो कौन बनेगा करोड़पति में प्रतियोगियों को तीन लाइफलाइन (Three Life Line) दी जाती हैं, उसी तरह जेल प्रशासन को भी कैदियों को कम से कम एक “लाइफलाइन” देनी चाहिए, ताकि अच्छे व्यवहार के आधार पर उन्हें राहत मिल सके।
सुधार दिखाने वालों को मिले राहत’
राजपाल यादव ने कहा कि कई कैदी ऐसे हैं जो 10–15 साल से जेल में हैं और उनका व्यवहार लगातार अच्छा रहा है। ऐसे लोगों को केवल अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके सुधार और बदली हुई सोच को भी महत्व दिया जाना चाहिए उन्होंने जोर देकर कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि सुधार करना होना चाहिए। “कई बार परिस्थितियां इंसान को अपराध की ओर धकेल देती हैं। समाज को कैदियों को सिर्फ एक नंबर या अपराधी के रूप में नहीं देखना चाहिए,” उन्होंने कहा।
जेलों में ‘स्मोकिंग ज़ोन’ की भी मांग
अभिनेता ने एक और मांग उठाई, जो सोशल मीडिया (Social Media) पर चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने कहा कि जिन कैदियों को सिगरेट की आदत है, उनके लिए जेल में एक निर्धारित स्मोकिंग ज़ोन होना चाहिए। उनका तर्क था कि जब एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर यह सुविधा उपलब्ध है, तो जेलों में भी इसे लागू किया जा सकता है, ताकि नशे के आदी कैदी तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से कुछ हद तक राहत पा सकें।
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12 दिन तिहाड़ में, ‘बड़ी सीख’
राजपाल यादव 17 फरवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आए। उन्हें 16 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। अदालत ने 18 मार्च तक की राहत देते हुए निर्देश दिया है कि निर्धारित राशि बुधवार तक जमा की जाए या डिमांड ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाए। जेल से बाहर आने के बाद अभिनेता ने अपने समर्थकों और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तिहाड़ में बिताए 12 दिन उनके लिए एक बड़ी सीख बनकर सामने आए हैं और इस अनुभव ने उन्हें जीवन को नए नजरिए से देखने का अवसर दिया है।
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