हैदराबाद । साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर आर्थिक नुकसान झेलने वाले साइबर अपराध पीड़ितों (Victims) को तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) ने बड़ी राहत प्रदान की है। वर्ष 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत के मंच के माध्यम से राज्यभर के हजारों पीड़ितों को उनकी धनराशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। इस मेगा लोक अदालत के जरिए कुल 4,627 पीड़ितों को 24.91 करोड़ रुपए की राशि वापस की गई है, ऐसा तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने शनिवार को एक बयान में बताया।
हैदराबाद इकाई 3.99 करोड़ रुपए की रिकवरी कर अग्रणी स्थान पर
उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, विभिन्न बैंकों और डिजिटल भुगतान कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, सभी कमिश्नरेट्स और जिला पुलिस अधीक्षकों के सहयोग से इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। शिखा गोयल ने बताया कि इस वर्ष की पहली तिमाही में ही रिकॉर्ड स्तर पर रिकवरी हासिल की गई है। विशेष रूप से टीजीसीएसबी मुख्यालय के अंतर्गत 87 पीड़ितों को 5.64 करोड़ रुपए वापस दिलाए गए। इसके अलावा मलकाजगिरी इकाई ने 4.79 करोड़ रुपए (832 पीड़ित), हैदराबाद इकाई ने 3.99 करोड़ रुपए(553 पीड़ित) की रिकवरी कर अग्रणी स्थान प्राप्त किया।
वहीं साइबराबाद और संगारेड्डी इकाइयों ने प्रत्येक 1.52 करोड़ रुपए की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में 2026 में साइबर अपराधों के प्रति प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया गया है तथा लोक अदालत जैसे व्यवस्थित माध्यमों के जरिए पीड़ितों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।
अब तक 53,434 पीड़ितों को 399.06 करोड़ रुपए की राशि वापस
निदेशक ने बताया कि साइबर सुरक्षा ब्यूरो की स्थापना के बाद से अब तक राज्यभर में कुल 53,434 पीड़ितों को 399.06 करोड़ रुपए की राशि वापस दिलाई जा चुकी है। वर्ष 2023 में यह राशि 8.3 करोड़ रुपए थी, जो 2024 में बढ़कर 183.9 करोड़ रुपए और 2025 में 183 करोड़ रुपए हो गई। वर्ष 2026 में केवल तीन महीनों में ही 24.91 करोड़ रुपए की रिकवरी उनके निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने यह भी बताया कि यूपीआई धोखाधड़ी, निवेश योजनाओं के नाम पर होने वाले घोटाले और पहचान संबंधी धोखाधड़ी जैसे मामलों में बैंकों और न्याय व्यवस्था के साथ निरंतर समन्वय कर रिफंड प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।