Vasuki Naag : 50 फीट लंबा, 1000 किलो वजनी दिव्य नागराज

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Vasuki Naag
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वासुकी नाग (Vasuki Naag) के बारे में आपने कई पौराणिक कहानियां सुनी होंगी. नागों का राजा कहे जाने वाले वासुकी का संबंध भगवान शिव (Shiva)से माना जाता है. 29 जुलाई को नाग पंचमी मनाई जा रही है और इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. इसी मौके पर आइए आपको नागराज वासुकी से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं

Vasuki Naag : गुजरात के कच्छ तट पर सांप का एक विशाल जीवाश्म मिला था, जिसकी शोध धरती पर कभी वासुकी नाग होने की तरफ इशारा करती है. इस विशाल जीवाश्म को हिंदू पौराणिक कथाओं के आधार पर ‘वासुकी इंडिकस’ नाम दिया गया. हिंदू धर्म में विशाल नाग का वर्णन किया गया है, जिसे वासुकी कहते हैं. वासुकी नाग का संबंध देवों के देव महादेव से माना जाता है, जिसे सबसे शक्तिशाली नागों में से एक माना गया है, जिसका वर्णन समुद्र मंथन के दौरान भी मिलता है. वासुकी नाग को पृथ्वी के सबसे बड़े सापों में से एक माना जाता है, जिसकी लंबाई 40 से 50 फीट के बीच थी।

नागराज वासुकी कौन थे?

Vasuki Naag : पौराणिक मान्यता के अनुसार, वासुकी को सबसे शक्तिशाली नागराज माना जाता है जो भगवान शिव के गले में सुशोभित थे. वासुकी नाग, भगवान शिव के गले में लिपटे हुए एक आभूषण के रूप में भी जाने जाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, वासुकी, शेषनाग के छोटे भाई हैं जो कि भगवान विष्णु के भक्त हैं और उनकी शय्या के रूप में जाने जाते हैं।

नागलोक के शासक वासुकी

धार्मिक मान्यताओं में वासुकी नाग को नागलोक का शासक भी माना जाता है, जो भगवान शिव के परम भक्त हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार, नागराज वासुकी ने समुद्र मंथन के दौरान मेरु पर्वत को बांधने के लिए रस्सी का काम किया था, जिससे देवताओं और असुरों ने मिलकर अमृत प्राप्त किया था. इसके अलावा, वासुकी नाग के सिर पर नागमणि होने के भी वर्णन मिलता है. कहीं-कहीं वासुकी नाग को मनसा देवी का भाई भी कहा गया है।

वासुकी नाग की लंबाई कितनी थी?

वासुकी नाग की लंबाई 10.9 से 15.2 मीटर (36 से 50 फीट) और वजन 1000 किलो के बीच अनुमानित किया जाता है. नागराज वासुकी एक विशाल सांप थे, जो 47 मिलियन साल पहले कभी भारत में पाए जाते थे. नागराज वासुकी को शेषनाग से भी ज्यादा जहरीला बताया गया है और उनका विष देवताओं, असुरों, मनुष्यों और ब्रह्मांड के अन्य जीवों को नुकसान पहुंचा सकता है।

कितने फुट का था वासुकी नाग?

इस विशालकाय सर्प प्रजाति के जीवाश्मों का नाम पौराणिक भगवान शिव के विशाल सर्प वासुकी के नाम पर रखा गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ये सर्प लगभग 4.7 करोड़ वर्ष पूर्व वर्तमान भारत में पाए जाते थे। यह विलुप्त प्रजाति, जिसकी लंबाई 36 से 50 फीट के बीच होने का अनुमान है, संभवतः अब तक के सबसे विशाल सर्पों में से एक रही होगी।

वासुकी और शेषनाग में कौन बड़ा है?

शेषनाग के बाद ये नागों के दूसरे ज्येष्ठ भ्राता हैं। ये सौ फन वाले नाग हैं और अपने ज्येष्ठ भ्राता शेषनाग से भी अधिक विषैले हैं, समस्त संसार में इन्हीं का विष सबसे घातक है। शेषनाग के जाने के बाद इन्हें नागराज बनाया गया और इन्होंने युगों तक नागों पर राज किया।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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