Garhkalika Temple : गढ़कालिका मंदिर का होगा भव्य कायाकल्प

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: May 20, 2026 • 11:34 AM
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15.50 करोड़ रुपए से होगा विकास कार्य

उज्जैन : गढ़कालिका मंदिर Garhkalika Temple के कायाकल्प के लिए करीब 15.50 करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई है। मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकसित किया जाएगा।

सिंहस्थ 2028 से पहले बढ़ेगी क्षमता

प्रशासन का लक्ष्य है कि Simhastha 2028 से पहले मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाई जाए। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।

उज्जैन में गढ़कालिका देवी मंदिर (Garhkalika Temple) और परिसर के विकास के लिए 15.50 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और मंदिर की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखना है। उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उज्जैन धार्मिक आस्था और संस्कृति की नगरी है, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु महाकाल, काल भैरव और गढ़कालिका मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। गढ़कालिका मंदिर को उज्जैन (Ujjain) की उत्तरी सीमा का रक्षक और एक प्राचीन शक्तिपीठ माना जाता है। मान्यता है कि महाकवि कालिदास मां गढ़कालिका के परम भक्त थे। मंदिर का ऐतिहासिक जीर्णोद्धार सम्राट हर्ष और बाद में परमार राजाओं द्वारा करवाया गया था।

मंदिर परिसर की क्षमता बढ़ाई जाएगी

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में प्रतिदिन 3 से 5 हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाले परिसर को बढ़ाकर 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सिंहस्थ के दौरान 50 हजार लोगों की भीड़ को संभालने की तैयारी की जाएगी।

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परियोजना के तहत मंदिर के शिखर को मजबूत किया जाएगा, चूना प्लास्टर का नवीनीकरण होगा और मंदिर के अग्रभाग को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए छायादार प्रतीक्षालय, आधुनिक कतार प्रबंधन प्रणाली, पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे

मंदिर परिसर में अलग-अलग भव्य प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे, जिससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित हो सके। इसके अतिरिक्त, 50 वाहनों की पार्किंग, दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल रैंप और विशेष पत्थर मार्ग तैयार किए जाएंगे। रात के समय मंदिर परिसर की भव्यता बढ़ाने के लिए “वॉर्म एम्बर” थीम आधारित आकर्षक लाइटिंग की जाएगी।

एक साल में कार्य पूरा करेगी एजेंसी

उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना पर जल्द ही काम शुरू होगा। चयनित एजेंसी को लगभग एक वर्ष में कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद गढ़कालिका मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि उज्जैन के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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