Chaitra Navratri 2026 : खरमास और पंचक के दौरान होगी कलश स्थापना

By Surekha Bhosle | Updated: March 14, 2026 • 4:59 PM

Chaitra Navratri 2026: शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार, मां दुर्गा की साधना और कलश स्थापना पर खरमास और पंचक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि बहुत विशेष मानी जाती है, क्योंकि जिस दिन से चैत्र नवरात्रि शुरू होती है, उसी दिन से हिंदुओं का नववर्ष भी शुरू हो जाता है. इन दोनों की ही शुरुआत (chaitr maas) चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन से होती है. इस साल चैत्र मास की नवरात्रि की 19 मार्च से शुरू हो रही है. इस साल नवरात्रि की शुरुआत में कुछ विशेष ज्योतिषीय स्थितियां बन रही हैं।

पंचांग के अनुसार, इस समय खरमास और पंचक (Panchak) का अशुभ संयोग निर्मित रहेगा. ऐसे समय में लोगों के मन में शुभ कार्यों को लेकर थोड़ा संशय रहता है, लेकिन शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार, मां दुर्गा की साधना और कलश स्थापना पर खरमास और पंचक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं।

खरमास और पंचक कब लग रहा है?

इस साल 15 मार्च को भगवान सूर्य मीन राशि में गोचर करने वाले हैं. ऐसे में 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो जाएगी. ये खरमास 14 अप्रैल तक चलेगा. खरमास के दौरान विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर रोक लगी रहेगी. वहीं पंचक 16 मार्च से शुरू हो रहे हैं. इसका समापन 20 मार्च को होगा. ये पंचक सोमवार को शुरू हो रहा है, इसलिए ये राज पंचक रहेगा।

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खरमास और पंचक में घटस्थापना, बरतें सावधानी

खरमास और पंचक के कारण भले ही मांगलिक कार्यों की सफलता में बाधा आने की संभावना रहती है, लेकिन देवी का पूजन दोष मुक्त होता है. यही वजह है कि नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना पूरी तरह निर्विघ्न संपन्न होगी. हालांकि, मां इस बार पालकी में बैठकर आ रही हैं. ये ज्योतिषीय दृष्टि से समाज में अस्थिरता, भय और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का संकेत होता है।

कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगा. कलश स्थापना का ये मुहूर्त 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक तक भी कलश स्थापना की जा सकती है।

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