Mahashivratri : इन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत

By Surekha Bhosle | Updated: February 12, 2026 • 1:08 PM

महाशिवरात्रि का व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि इसे सही नियमों के साथ करना जरूरी है. व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र धारण करना चाहिए. दिनभर संयम, शुद्ध विचार और शांत मन बनाए रखना चाहिए. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार प्रहर में पूजा की जाती है।

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है. वैसे तो हर महीने शिवरात्रि आती है, लेकिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आने वाली (Mahashivratri) शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. यही कारण है कि यह तिथि विशेष रूप से पूजनीय मानी जाती है. यह दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती को अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन सच्चे मन से व्रत रखकर और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं. शिव पुराण में भी उल्लेख मिलता है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग (Shivalinga) पर जलाभिषेक करने और श्रद्धा भाव से पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं

जानें क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य

देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि महाशिवरात्रि का व्रत सभी लोगों को करना चाहिए. चाहे वह पुरुष हो या महिलाएं. यह व्रत आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक है. इस दिन उपवास रखने से मन और शरीर दोनों पवित्र होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

इन लोगों को नहीं रखना चाहिए व्रत

ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल कहते हैं कि कुछ लोगों को यह व्रत नहीं रखना चाहिए. ज्योतिषाचार्य के अनुसार 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को व्रत नहीं रखना चाहिए. क्योंकि उनकी सेहत के लिए यह उचित नहीं होता है. इसके अलावा बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और मासिक धर्म के दौरान महिलाएं भी व्रत न रखें तो बेहतर है. ऐसे लोगों को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए और यदि वे चाहें तो केवल श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं. इसके अलावा महाशिवरात्रि का व्रत रखने की किसी को भी मनाही नहीं है।

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जानें व्रत के क्या हैं सही नियम

महाशिवरात्रि का व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि इसे सही नियमों के साथ करना जरूरी है. व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद भगवान शिव का ध्यान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए. दिनभर संयम, शुद्ध विचार और शांत मन बनाए रखना चाहिए. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार प्रहर में पूजा की जाती है. हर प्रहर में शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया जाता है. कम से कम दो प्रहर की पूजा अवश्य करनी चाहिए. पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. पूजा के बाद ही फलाहार ग्रहण करना चाहिए।

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