ఆస్కార్‌ నామినేషన్స్‌ సంక్రాంతి బరిలో అయిదు చిత్రాలు టాలీవుడ్ లో అక్షయ్ ఖన్నా ఎంట్రీ ప్రభాస్ ‘స్పిరిట్’ ఫస్ట్ లుక్ చూసారా? ‘టాక్సిక్’ నుంచి న‌య‌న‌తార‌ ఫస్ట్ లుక్ విడుదల ఈషా మూవీ రివ్యూ ‘దండోరా’ మూవీ రివ్యూ హీరోయిన్ల డ్రెస్సింగ్‌పై శివాజీ చేసిన వ్యాఖ్యలు వైరల్ బిగ్ బాస్ 9 విన్నర్ కల్యాణ్ పడాల బాక్సాఫీస్‌ని షేక్ చేస్తున్న ‘ధురంధర్’ ఆస్కార్‌ నామినేషన్స్‌ సంక్రాంతి బరిలో అయిదు చిత్రాలు టాలీవుడ్ లో అక్షయ్ ఖన్నా ఎంట్రీ ప్రభాస్ ‘స్పిరిట్’ ఫస్ట్ లుక్ చూసారా? ‘టాక్సిక్’ నుంచి న‌య‌న‌తార‌ ఫస్ట్ లుక్ విడుదల ఈషా మూవీ రివ్యూ ‘దండోరా’ మూవీ రివ్యూ హీరోయిన్ల డ్రెస్సింగ్‌పై శివాజీ చేసిన వ్యాఖ్యలు వైరల్ బిగ్ బాస్ 9 విన్నర్ కల్యాణ్ పడాల బాక్సాఫీస్‌ని షేక్ చేస్తున్న ‘ధురంధర్’

Akshara Singh ने खोली भोजपुरी फिल्मों की बजट पोल.

Author Icon By digital@vaartha.com
Updated: April 14, 2025 • 7:02 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

Akshara Singh ने भोजपुरी फिल्मों के बजट का किया खुलासा, बताई कहां रह गई कमियां

भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री Akshara Singh ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी इंडस्ट्री की हकीकत बयान करते हुए कुछ बेहद अहम बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि भोजपुरी फिल्मों का बजट इतना कम क्यों होता है और इसके पीछे की असल वजहें क्या हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंडस्ट्री को किस तरह से बदलाव की जरूरत है ताकि कंटेंट और क्वालिटी दोनों सुधर सकें।

क्या कहा Akshara Singh ने?

Akshara Singh ने कहा,

“भोजपुरी फिल्मों का बजट आज भी अन्य रीजनल इंडस्ट्रीज़ जैसे मराठी या पंजाबी फिल्मों की तुलना में काफी कम है। इसका सीधा असर फिल्मों की क्वालिटी और दर्शकों की रुचि पर पड़ता है।”

उन्होंने बताया कि ज्यादातर प्रोड्यूसर कम लागत में फिल्म पूरी करने की कोशिश करते हैं, जिससे कहानी, सिनेमेटोग्राफी, और VFX जैसे पहलुओं पर समझौता करना पड़ता है।

Akshara Singh ने खोली भोजपुरी फिल्मों की बजट पोल.

मुख्य कारण: क्यों कम होता है भोजपुरी फिल्मों का बजट?

1. सीमित ऑडियंस और टार्गेट मार्केट

भोजपुरी सिनेमा की पहुंच अब भी बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक ही सीमित है। जब ऑडियंस का दायरा छोटा होता है तो कमाई की संभावना भी घटती है। इससे निर्माता जोखिम नहीं उठाना चाहते।

2. थिएटर रिलीज़ की समस्या

कई भोजपुरी फिल्में आज भी छोटे सिंगल स्क्रीन थिएटर में ही रिलीज होती हैं। मल्टीप्लेक्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपस्थिति बहुत कम है।

3. स्पॉन्सरशिप और ब्रांड सपोर्ट की कमी

बॉलीवुड या साउथ इंडस्ट्री के मुकाबले भोजपुरी फिल्मों को ब्रांड एंडोर्समेंट या स्पॉन्सरशिप बहुत कम मिलती है। इससे भी बजट पर असर पड़ता है।

4. टेक्निकल टैलेंट की कमी

कई बार फिल्मों के टेक्निकल विभागों—जैसे एडिटिंग, सिनेमेटोग्राफी, साउंड डिजाइन—में पर्याप्त प्रोफेशनल्स नहीं होते, जिससे क्वालिटी गिरती है और लोग निवेश करने से डरते हैं।

क्या है समाधान?

Akshara Singh के मुताबिक,

“अब समय आ गया है कि हम सिर्फ ‘कमर्शियल’ सोच से बाहर निकलें और कंटेंट ड्रिवन सिनेमा पर ध्यान दें। अगर हम अच्छी स्क्रिप्ट और टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे, तो ऑडियंस भी बढ़ेगी और बजट भी।”

वो चाहती हैं कि नई जनरेशन के निर्माता और निर्देशक इंडस्ट्री में आएं और भोजपुरी सिनेमा को नई दिशा दें।

Akshara Singh का योगदान

Akshara Singh न केवल एक सफल एक्ट्रेस हैं, बल्कि उन्होंने भोजपुरी म्यूजिक वीडियो, टीवी शोज और ओटीटी कंटेंट में भी अपनी पहचान बनाई है।उनका मानना है कि यदि सही ढंग से कोशिश की जाए तो भोजपुरी सिनेमा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नाम कमा सकता है।

जरूरी है कि कंटेंट, कास्ट और क्राफ्ट—तीनों पर ध्यान दिया जाए। बजट तभी बढ़ेगा जब इंडस्ट्री खुद को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करेगी।

# Paper Hindi News #Ap News in Hindi #Breaking News in Hindi #Google News in Hindi #Hindi News Paper breakingnews latestnews trendingnews अक्षरा सिंह इंडस्ट्री न्यूज फिल्म निर्माण भोजपुरी एक्ट्रेस भोजपुरी फिल्म बजट भोजपुरी सिनेमा

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.