America का रेसिप्रोकल टैरिफ कई देशों को करेगा टारगेट, जानें ट्रंप प्रशासन किसे बता रहा है ‘Dirty 15’
America में आगामी चुनावों के बीच ट्रंप प्रशासन एक बार फिर आक्रामक व्यापार नीतियों की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में घोषित ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (Reciprocal Tariff) नीति के तहत America उन देशों पर उच्च कर (टैरिफ) लगाने की योजना बना रहा है, जो America के उत्पादों पर अनुचित रूप से ऊंचे शुल्क लगाते हैं।
क्या है ‘Reciprocal Tariff’ नीति?
यह नीति उन देशों पर समान जवाबी शुल्क (टैरिफ) लगाने पर केंद्रित है, जो अमेरिकी उत्पादों पर भारी टैक्स लगाते हैं।
- America चाहता है कि उसके उत्पादों को अन्य देशों में समान अवसर और कम टैरिफ मिले।
- यदि कोई देश अमेरिकी सामान पर ऊंचा शुल्क लगाता है, तो बदले में America भी उन पर वैसा ही कर (टैरिफ) लगाएगा।
कौन-कौन हैं ‘Dirty 15’ देश?
ट्रंप प्रशासन ने 15 देशों की एक सूची बनाई है, जिसे ‘Dirty 15’ कहा जा रहा है।
- इन देशों पर आरोप है कि ये अमेरिकी उत्पादों पर अनुचित व्यापार प्रतिबंध लगाते हैं।
- हालांकि, अभी तक इन 15 देशों की आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसमें चीन, भारत, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा और फ्रांस जैसे देश शामिल हो सकते हैं।
America का मकसद क्या है?
✅ अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक बाजार में समान अवसर दिलाना।
✅ ट्रेड बैलेंस (व्यापार संतुलन) को America के पक्ष में करना।
✅ विदेशी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना।
✅ चीन जैसे देशों पर दबाव बनाना, जो अमेरिकी व्यापार के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं।
किन देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
- चीन: America-चीन व्यापार युद्ध पहले से जारी है, और नए टैरिफ से चीन को और झटका लग सकता है।
- भारत: America भारतीय वस्त्र, दवा और आईटी सेवाओं पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
- यूरोपियन यूनियन: फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों पर भी असर पड़ सकता है।
- जापान और दक्षिण कोरिया: इन देशों को भी व्यापार नीतियों में बदलाव करने पड़ सकते हैं।
क्या होगा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर?
महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि टैरिफ बढ़ने से वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी।
इस नीति से वैश्विक व्यापार युद्ध बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता आ सकती है।
कई देशों को अपने टैरिफ नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।