China कीमती मेटल्स की सप्लाई रोकी: ट्रंप ने इलेक्ट्रॉनिक सामान पर टैरिफ लगाने की दी चेतावनी, बढ़ेगी महंगाई
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक बार फिर व्यापार युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। Chinaने कीमती और रेयर अर्थ मेटल्स की सप्लाई रोकने का फैसला लिया है, जो सीधे तौर पर गाड़ियों, हथियारों और एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री को प्रभावित करेगा।
इस कदम के जवाब में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि अगर चीन ने ऐसा किया तो अमेरिका इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी टैरिफ लगाएगा।
China कीमती मेटल्स की सप्लाई क्यों रोक रहा है?
जानकारों के मुताबिक, चीन यह कदम भूराजनीतिक दबाव बनाने के मकसद से उठा रहा है। चीन दुनिया के अधिकांश रेयर अर्थ मेटल्स जैसे गैलियम, जर्मेनियम और नियोडाइमियम का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिनका उपयोग सेमीकंडक्टर्स, मिसाइल सिस्टम, गाड़ियों और मोबाइल फोन में होता है।
कौन-कौन से सेक्टर होंगे प्रभावित?
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री: इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में उपयोग होने वाले मेटल्स की कमी से कारों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- डिफेंस सेक्टर: गाइडेड मिसाइल, रडार और फाइटर जेट्स में लगने वाले मेटल्स की कमी से सुरक्षा क्षेत्र में लागत बढ़ेगी।
- इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री: मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट डिवाइसेज़ पर भी असर पड़ेगा।
ट्रंप का जवाब: “टैरिफ के लिए तैयार रहें”
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो 2024 के चुनाव में फिर से मैदान में हैं, ने चीन की इस नीति को “आर्थिक ब्लैकमेलिंग” बताया है।
उन्होंने कहा:
“अगर चीन सप्लाई ब्लॉक करता है, तो हम इलेक्ट्रॉनिक्स सहित हर उस सामान पर टैरिफ लगाएंगे जो अमेरिका में आता है।”
ट्रंप पहले भी राष्ट्रपति रहते हुए चीन पर भारी आयात शुल्क लगा चुके हैं। उनकी नीति “America First” के तहत वह फिर से टैरिफ के हथियार का इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं।
ग्लोबल असर की आशंका
विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह टकराव और बढ़ा, तो इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। इलेक्ट्रॉनिक और ऑटो इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ेगा और महंगाई में इजाफा होगा।
भारत पर असर?
भारत भी चीन से इन मेटल्स का आयात करता है। यदि यह सप्लाई लंबी अवधि तक रुकी रही, तो भारत में भी मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन निर्माण में बाधा आ सकती है। हालांकि सरकार विकल्प की तलाश में जुट गई है
चीन द्वारा कीमती मेटल्स की सप्लाई रोकना और ट्रंप की टैरिफ की चेतावनी से यह स्पष्ट है कि अमेरिका- China के बीच व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ रहा है।
इसका असर न सिर्फ इन दो देशों पर, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। अब देखना होगा कि अमेरिका इस मुद्दे को डिप्लोमेटिक तरीके से सुलझाता है या फिर टैरिफ वॉर का नया दौर शुरू होता है।