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Hyderabad: कंद फसल सब्जी की खेती से प्राप्त होंगे पोषण सुरक्षा और निर्यात के अवसर : वीसी

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Updated: May 19, 2025 • 10:25 PM
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कंद फसल से मिलेंगे रोजगार के अवसर

हैदराबाद । श्री कोंडा लक्ष्मण तेलंगाना बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दंड राजी रेड्डी ने कहा कि सदियों से चली आ रही कंद फसल सब्जियों की खेती से न केवल देश में पोषण सुरक्षा हासिल होगी, बल्कि रोजगार और निर्यात के अवसर भी मिलेंगे। सोमवार को राजेंद्रनगर स्थित बागवानी महाविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय समन्वित कंद फसलों पर अनुसंधान परियोजना की 25वीं वार्षिक समूह बैठक में बोलते हुए डॉ. राजी रेड्डी ने कहा कि कंद फसलें जलवायु परिवर्तन से निपटने और पूरे देश को पोषण सुरक्षा प्रदान करने तथा किसानों को उच्च आय प्रदान करने के मामले में भविष्य के लिए आशाजनक हैं।

कंद फसलों की खेती को बढ़ावा …

उन्होंने कहा कि कम अवधि वाली नई किस्में बनाकर, उन्हें किसान उत्पादक संगठनों से जोड़कर तथा देश के हर कस्बे के 50 किलोमीटर के दायरे में कंद फसलों की खेती को बढ़ावा देकर उपभोक्ताओं के लिए उनकी उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। सोमवार से शुरू हुए दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन केरल के केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान और तेलंगाना के सब्जी अनुसंधान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने वैज्ञानिकों से किसानों को बड़ी मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त जैव-प्रबलित किस्में उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

खेती के लिए लाभदायक होगा जैविक उर्वरकों और वनस्पतियों का उपयोग

उन्होंने कहा कि यदि रसायनों, उर्वरकों और अन्य सामग्रियों का उपयोग कम कर दिया जाए, तो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक उर्वरकों और वनस्पतियों का उपयोग करके उनकी खेती लाभदायक होगी। आईसीएआर के सहायक महानिदेशक, डॉ. सुधाकर पांडे, केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, त्रिवेंद्रम, केरल, निदेशक, डॉ. जी बैजू, आईसीएआर अटारी जोन 10 निदेशक, डॉ. शेख एन. मीरा, विश्वविद्यालय अनुसंधान निदेशक, डॉ. लक्ष्मीनारायण और रजिस्ट्रार, डॉ. भगवान सहित अन्य ने भाग लिया।

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