हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आदिलाबाद (Adilabad) में अल्पसंख्यक बालिकाओं के लिए निर्मित नवीन विद्यालय एवं जूनियर महाविद्यालय भवन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। यह परियोजना एमएसडीपी / पीएमजेवीके योजना के अंतर्गत विकसित की गई है। मोहम्मद फहीमुद्दीन कुरैशी के अनुसार, इस संस्थान का उद्देश्य शैक्षिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना तथा अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण (High-quality) शिक्षा की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में ऐसे कुल 54 भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 21 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।
समग्र विकास को गति प्रदान करेगा शैक्षणिक परिसर
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार समावेशी विकास, नारी सशक्तिकरण तथा शैक्षिक असमानताओं के निराकरण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि एमएसडीपी / पीएमजेवीके जैसी योजनाएँ विकासात्मक विषमताओं को समाप्त करने, समान अवसर प्रदान करने तथा अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह नवीन शैक्षणिक परिसर विशेष रूप से बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा।
अल्पसंख्यक में कौन-कौन सी जाति आती है?
कानूनी रूप से “अल्पसंख्यक” जाति नहीं बल्कि धर्म के आधार पर तय किया जाता है। भारत में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक माना गया है। इसलिए इसमें जाति नहीं आती, बल्कि धार्मिक समुदाय शामिल होते हैं। अलग-अलग राज्यों में कुछ स्थानीय अल्पसंख्यक भी घोषित किए जा सकते हैं, लेकिन मूल आधार धर्म ही होता है।
क्या हिंदू अल्पसंख्यक हैं?
देश स्तर पर हिंदू अल्पसंख्यक नहीं हैं, क्योंकि भारत में हिंदू आबादी बहुसंख्यक है। लेकिन कुछ राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू अल्पसंख्यक हो सकते हैं, जैसे मिजोरम, नागालैंड और मेघालय, जहां अन्य धर्मों की जनसंख्या अधिक है। इसलिए यह स्थिति स्थान के अनुसार बदल सकती है।
भारत में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक धर्म कौन सा है?
देश में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक धर्म इस्लाम है। मुस्लिम समुदाय की आबादी अन्य अल्पसंख्यक धर्मों की तुलना में सबसे अधिक है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अनुसार भारत में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय अल्पसंख्यक श्रेणी में आते हैं, जिनमें मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है।
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