News Hindi : जीएसटी सुधार दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने वाले – निर्मला सीतारमण

By Ajay Kumar Shukla | Updated: December 16, 2025 • 10:32 PM

नई दिल्ली । देशभर में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी ) सुधार भारत की आर्थिक संरचना को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने वाले हैं। यह विचार केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और विकास की दिशा में जीएसटी सुधार पुस्तक के विमोचन अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जीएसटी सुधारों का सामाजिक न्याय (Social justice), कल्याण और विकास के दृष्टिकोण से गंभीर, संतुलित और तथ्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। नीति, शासन और अर्थव्यवस्था को समझने के लिए यह एक प्रामाणिक एवं संदर्भ योग्य कृति है।

जीएसटी सुधारों का उद्देश्य भेदभाव-मुक्त आर्थिक ढांचा तैयार करना

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि जीएसटी सुधारों का उद्देश्य भेदभाव-मुक्त आर्थिक ढांचा तैयार करना, राष्ट्रीय एकीकरण को सशक्त बनाना और कर व्यवस्था में समानता सुनिश्चित करना है। उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तक में सुधारों का निष्पक्ष एवं गहन मूल्यांकन किया गया है तथा ऐसी शोध-आधारित पुस्तकों के अधिक प्रकाशन की आवश्यकता है। यह पुस्तक संसद भवन (जी-9) स्थित आधिकारिक कक्ष में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण तथा तेलंगाना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं लेखक डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव की उपस्थिति में विमोचित की गई।

जीएसटी को देश के आर्थिक इतिहास का एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया

डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि केंद्र सरकार की सुधारात्मक नीतियों को सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाने का कार्य इस पुस्तक के माध्यम से प्रभावी ढंग से किया गया है। उन्होंने जीएसटी को देश के आर्थिक इतिहास का एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया। पुस्तक के लेखक डॉ. वकुलाभरणम कृष्ण मोहन राव ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के हाथों पुस्तक का विमोचन उनके लिए सम्मान और गौरव का विषय है।

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