हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद शहर (Greater Hyderabad City) के प्रशासन में सरकार ने एक नया अध्याय शुरू किया है। सरकार ने पहले ही विभिन्न क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय आयुक्तों की नियुक्ति कर दी है और अब 60 सर्किलों के लिए उपायुक्तों की नियुक्ति के आदेश जारी करके प्रशासन को जनता के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन अधिकारियों ने शनिवार को उपायुक्त (Deputy Commissioner) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इन विकास कार्यों से न केवल नागरिक सेवाओं तक पहुंच आसान और तेज होगी, बल्कि विकास में भी तेजी आएगी।
हैदराबाद शहर के प्रशासन में एक नए चरण की शुरुआत
हैदराबाद सरकार ने 20 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों, कुल मिलाकर 27 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) का ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के तहत विलय करके हैदराबाद शहर के प्रशासन में एक नए चरण की शुरुआत की है। इस विलय के साथ, जीएचएमसी का क्षेत्रफल 650 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2,053 वर्ग किलोमीटर हो गया है। 1.34 करोड़ से अधिक की आबादी के साथ, जीएचएमसी क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों ही दृष्टि से देश का सबसे बड़ा नगर निगम बन गया है। शनिवार की सुबह, क्षेत्रीय आयुक्तों ने जमीनी स्तर पर दौरा किया और चल रहे विकास और स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण किया।
मुसारमबाग पुल के निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
चारमीनार जोनल कमिश्नर श्रीनिवास रेड्डी ने मुसारमबाग पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सिकंदराबाद जोनल कमिश्नर रवि किरण ने डोमलागुडा का दौरा किया और नवनिर्मित सर्किल कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। मल्काजगिरी जोनल कमिश्नर संचित गंगवार ने स्वच्छता कार्य का निरीक्षण किया। उप्पल जोनल कमिश्नर राधिका गुप्ता ने उप्पल जंक्शन से वारंगल रोड पर स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण किया। अतिरिक्त कमिश्नर रघु प्रसाद, डिप्टी कमिश्नर भी उपस्थित थे। सफाई कार्यों की प्रगति की समीक्षा जमीनी स्तर पर की गई।
स्वच्छता से आप क्या समझते हैं?
अर्थ है पर्यावरण, शरीर, घर और समाज को साफ-सुथरा रखना। यह स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी है।
स्वच्छता दिवस कब है?
भारत में स्वच्छता दिवस 2 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर उनके स्वच्छता और स्वास्थ्य संदेश को याद करने के लिए चुना गया है।
स्वच्छता के 7 प्रकार क्या हैं?
प्रमुख प्रकार हैं—व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू स्वच्छता, सार्वजनिक स्वच्छता, पर्यावरण स्वच्छता, जल स्वच्छता, भोजन स्वच्छता और मनोवैज्ञानिक/मानसिक स्वच्छता। ये सभी मिलकर स्वस्थ जीवन और स्वच्छ समाज सुनिश्चित करते हैं।
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