అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు అభ్యర్థుల మధ్య లొల్లి చైర్ పర్సన్/మేయర్ ఎన్నిక తగ్గిన టమాటా ధరలు నిజామాబాద్, కరీంనగర్లో బిజెపి జెండా! జలమండలి పునర్వ్యవస్థీకరణ తెలంగాణకు శుభవార్త ఎన్నికల పోలింగ్ ఎంతంటే? ముగిసిన మున్సిపల్ పోలింగ్ కోఠిలో కాల్పులు, ఏటీఎం టార్గెట్! రూ.6 లక్షల దోపిడీ అత్తతో కలిసి మేనమామను చంపిన మేనల్లుడు

Hyderabad : जब वकील असुरक्षित होते हैं, तब संविधान खतरे में – डॉ. राजेश

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: February 6, 2026 • 2:08 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

हैदराबाद। रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला न्यायालय (Chevella Court) में कार्यरत वकील स्वप्ना की हत्या ने कानून व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. करनम राजेश कुमार ने इसे भारत की संवैधानिक व्यवस्था (constitutional system) के लिए सीधा खतरा बताया है। एक कड़े बयान में डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अधिवक्ता लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ और न्याय के अग्रिम प्रहरी होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वकीलों पर हमले न्याय वितरण प्रणाली को कमजोर करते हैं और संवैधानिक शासन में जनता के विश्वास को चोट पहुंचाते हैं।

अभी तक कोई व्यापक अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम नहीं

उन्होंने कहा कि देश में अभी तक कोई व्यापक अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम नहीं है, जबकि देशभर के पांच लाख से अधिक अधिवक्ता लंबे समय से ऐसे कानून की मांग कर रहे हैं। ब्राज़ील, मैक्सिको, कोलंबिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां वकीलों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून या तंत्र मौजूद हैं, जबकि भारत में इस दिशा में बड़ा विधायी अभाव है। उन्होंने केंद्र सरकार से वकीलों पर हमलों के मामलों में कड़े कानून और सख्त सजा का प्रावधान करने की मांग की।

सबसे पावरफुल जज कौन है?

संवैधानिक दृष्टि से भारत में मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) को सबसे शक्तिशाली न्यायिक पद माना जाता है। वे सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख होते हैं और न्यायाधीशों की पीठ गठन, मामलों के आवंटन और न्यायिक प्रशासन में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि फैसले संविधान और कानून के अनुसार ही होते हैं, फिर भी पद की जिम्मेदारियाँ उन्हें विशेष प्रभाव देती हैं।

भारत में कुल कितने न्यायालय हैं?

प्रशासनिक संरचना के अनुसार भारत में तीन स्तर के न्यायालय होते हैं। सबसे ऊपर सर्वोच्च न्यायालय, उसके नीचे प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय और फिर जिला एवं अधीनस्थ न्यायालय होते हैं। देश में एक सुप्रीम कोर्ट, कई हाईकोर्ट और हजारों जिला व निचली अदालतें कार्यरत हैं, जो न्याय वितरण की पूरी प्रणाली को संभालती हैं।

न्यायालय का क्या अर्थ है?

सामान्य अर्थ में न्यायालय वह संवैधानिक संस्था है, जहाँ कानून के अनुसार विवादों का निपटारा किया जाता है। यहाँ न्यायाधीश साक्ष्य, तर्क और कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्णय देते हैं। न्यायालय का उद्देश्य नागरिकों को न्याय देना, अधिकारों की रक्षा करना और कानून का शासन बनाए रखना होता है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

#Breaking news #HindiNews #LatestNews Advocate murder Chevella court Constitutional system Justice system Lawyers safety Rule of law

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.