PAK- सीजफायर के बाद शांति वार्ता की तैयारी इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को बैठक

Read Time:  1 min
सीजफायर
सीजफायर
FONT SIZE
GET APP

इस्लामाबाद,। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध की परिस्थितियों को शांत करने की दिशा में पाकिस्तान (Pakistan) ने एक अभूतपूर्व कूटनीतिक कदम उठाया है। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका और ईरान (America and Iran) को सीधी शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। यह ऐतिहासिक बैठक शुक्रवार, 10 अप्रैल को होने की संभावना है, जिसे इस्लामाबाद वार्ता का नाम दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की घोषणा

इस बड़े घटनाक्रम की जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Shariff) ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देश वर्तमान संघर्ष के बीच तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। प्रधानमंत्री शरीफ के अनुसार, यह युद्धविराम लेबनान सहित अन्य सभी मोर्चों पर तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

वार्ता का उद्देश्य

प्रधानमंत्री शरीफ ने उम्मीद जताई है कि 10 अप्रैल को होने वाली आमने-सामने की बातचीत दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने और क्षेत्र में स्थायी स्थिरता लाने में मील का पत्थर साबित होगी।

अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल

इस वार्ता के लिए अमेरिका की ओर से एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है। इस दल में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की चर्चा है। वर्तमान में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हंगरी के दौरे पर हैं और माना जा रहा है कि उनके आधिकारिक कार्यक्रम में अब इस्लामाबाद की यात्रा को भी जोड़ा जा रहा है।

ईरान की आपत्ति

हालांकि, इस कूटनीतिक प्रयास के बीच एक पेच भी फंसा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ बातचीत करने पर आपत्ति जताई है। ईरान का मानना है कि पूर्व में हुई वार्ताओं के बाद अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई सैन्य कार्रवाइयों के कारण इन अधिकारियों के प्रति विश्वास की कमी है। फरवरी 2026 में जेनेवा में हुई अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के बाद हुए हमलों को ईरान ने धोखा करार दिया था।

अन्य पढ़े : iran hadid 110 : हदीद-110 से अमेरिका और इजरायल को चुनौती

उपराष्ट्रपति वेंस के प्रति ईरान का नरम रुख

इसके विपरीत, ईरान ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के प्रति नरम रुख दिखाया है। ईरान का मानना है कि वेंस युद्ध समाप्त करने के प्रति अधिक सहानुभूति रखते हैं और उनके नेतृत्व में होने वाली बातचीत अधिक फलदायी हो सकती है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या यह वार्ता मध्य पूर्व में शांति का नया सवेरा ला पाएगी।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।