वॉशिंगटन,। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी के बाद अमेरिका ने सख्त रुख अपना लिया है। खबर है कि अमेरिकी सेना (Americi Force) संभावित हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
18 बड़ी कंपनियां निशाने पर
जिन कंपनियों को चेतावनी दी गई है, उनमें Google, Meta, Apple, Microsoft, Intel और (Tesla) जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां उसके खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं और इन्हें 1 अप्रैल की रात तक हमले के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
वैश्विक बाजार में बढ़ी चिंता
इस सूची में Nvidia, Dell, Boeing और JPMorgan Chase जैसी कंपनियों के नाम भी शामिल हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान के किसी भी हमले को विफल करने में सक्षम है। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की प्रभावशीलता में भारी गिरावट आई है, जो अमेरिकी सैन्य ताकत को दर्शाता है।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और युद्ध समाप्ति की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है और जल्द ही सीधी बातचीत भी संभव है।
ट्रंप के नरम संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने रुख में नरमी दिखाते हुए कहा है कि अमेरिका अगले दो से तीन सप्ताह में सैन्य अभियान समाप्त कर सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि जल्द ही सैनिकों की वापसी संभव है।
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यूएई की भूमिका पर नजर
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात की संभावित भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि यूएई, तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में सक्रिय भूमिका निभा सकता है।
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