मास्को । रूस के प्रमुख मिसाइल विशेषज्ञ और ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट (Brahmos Missile Project) से जुड़े वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव (Alexander Leonov) का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। लियोनोव को उन्नत मिसाइल तकनीक और रक्षा प्रणाली के विकास में उनके योगदान के लिए व्यापक रूप से जाना जाता था।
ब्रह्मोस परियोजना में निभाई अहम भूमिका
अलेक्जेंडर लियोनोव एनपीओ माशिनोस्ट्रोएनिया (एनपोमाश) के सीईओ और चीफ डिजाइनर थे। यह संगठन भारत-रूस की साझेदारी में ब्रह्मोस एयरोस्पेस (BrahMos Aerospace) का प्रमुख सहयोगी रहा है। लियोनोव ने ब्रह्मोस मिसाइल के डिजाइन और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कई अत्याधुनिक मिसाइल प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे
लियोनोव ने रूस के कई उन्नत मिसाइल प्रोजेक्ट्स (Missile Projects) में योगदान दिया। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहित कई हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइल प्रणालियों के विकास में काम किया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई।
भारत-रूस साझेदारी को मिली मजबूती
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लियोनोव की तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार ने भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके योगदान से दोनों देशों के मिसाइल प्रोजेक्ट्स में सटीकता, क्षमता और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिला।
अन्य पढ़े: पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ‘महा-विस्फोट’
वैश्विक रक्षा समुदाय में शोक
अलेक्जेंडर लियोनोव के निधन से वैश्विक रक्षा विज्ञान समुदाय में शोक की लहर है। उनके निधन के बाद कई रक्षा संस्थानों और सहयोगी संगठनों ने उन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
Read More :