वॉशिंगटन । शनिवार की रात अमेरिकी सेना (US Army) ईरान और सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के ठिकानों पर कहर बनकर टूट पड़ी। यह सैन्य कार्रवाई पिछले महीने तीन अमेरिकी नागरिकों की हत्या के प्रतिशोध के रूप में की गई।
अमेरिका ने ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक शुरू किया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर यह अभियान ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (Operation Hawkeye Strike) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमलों का कड़ा जवाब देना है।
वीडियो फुटेज में दिखा अमेरिकी हमलों का कहर
अमेरिका के विदेश विभाग और सेंट्रल कमांड (Central Command) ने आधिकारिक वीडियो जारी किया, जिसमें लड़ाकू विमानों को सीरिया के रणनीतिक क्षेत्रों में आतंकी ठिकानों पर अचूक निशाना लगाते देखा जा सकता है। कई ठिकाने पल भर में मलबे में तब्दील हो गए।
पलमायरा हमले का बदला
सेंट्रल कमांड ने बताया कि ये हमले विशेष रूप से 13 दिसंबर 2025 को पलमायरा में हुए घातक हमले का प्रतिशोध हैं, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक शहीद और एक अमेरिकी नागरिक की मौत हुई थी।
आतंकी समूहों के लिए चेतावनी
सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनके योद्धाओं को नुकसान पहुंचाने वालों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढकर समाप्त कर दिया जाएगा।
ऑपरेशन का पहला चरण और सहयोगी
ऑपरेशन हॉकआई 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था, जिसके पहले चरण में मध्य सीरिया के लगभग 70 आईएसआईएस ठिकानों को नष्ट किया गया। अमेरिका को इस अभियान में जॉर्डन की सेना का सहयोग भी मिल रहा है।
आईएसआईएस के कमांडर की गिरफ्तारी
ताजा कार्रवाई के एक दिन पहले सीरियाई सुरक्षा बलों ने लेवेंट क्षेत्र से आईएसआईएस के मुख्य सैन्य कमांडर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
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अमेरिकी सेना का मिशन जारी
2010 के दशक से ही इराक और सीरिया में आईएसआईएस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिकी सेना तैनात है। वर्तमान में भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक आतंकवाद को जड़ से मिटाने और भविष्य के खतरों को रोकने के मिशन पर जुटे हैं।
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