Battle: आसमान में महासंग्राम: F-35 और ईरानी YAK-130 के बीच पहली ‘डॉग फाइट’

By Dhanarekha | Updated: March 4, 2026 • 4:20 PM

ऐतिहासिक हवाई भिड़ंत और F-35 की जीत

तेल अवीव: इजरायली वायु सेना (IDF) ने तेहरान के आसमान में एक बड़ी सैन्य सफलता का दावा किया है। युद्ध(Battle) की पहली ‘डॉग फाइट’ (विमानों की सीधी लड़ाई) में इजरायल के F-35I ‘अडीर’ ने ईरान के YAK-130 लड़ाकू विमान को मार गिराया। यह दुनिया में पहली बार है जब अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर F-35 ने किसी मानव-चालित विमान को हवा में नष्ट किया है। जहाँ F-35 दुनिया का सबसे उन्नत फाइटर जेट माना जाता है, वहीं रूस निर्मित YAK-130 एक सबसोनिक हल्का लड़ाकू विमान है। इस जीत ने हवाई युद्ध में इजरायल के तकनीकी वर्चस्व को साबित कर दिया है

तेहरान में तबाही और कमांड सेंटरों पर प्रहार

जंग के पांचवें दिन इजरायली विमानों ने तेहरान के भीतर ईरानी शासन(Battle) के नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया है। IDF ने दावा किया है कि उन्होंने ‘बासिज’ और आंतरिक सुरक्षा कमांड सेंटरों को नष्ट कर दिया है, जिनका उपयोग ईरानी सरकार पूरे देश पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए करती थी। तेहरान सहित कई शहरों में लगातार धमाके हो रहे हैं। जवाब में ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं, जिन्हें रोकने के लिए इजरायल ने अपना ‘आयरन डोम’ और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं।

अन्य पढ़े: ईरान-इजराइल महाजंग: मुजतबा खामेनेई नए सुप्रीम लीडर

युद्ध का विस्तार और मानवीय संकट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह युद्ध एक महीने या उससे अधिक समय तक खिंच सकता है। इजरायल ने अब इस जंग का मोर्चा लेबनान(Battle) तक बढ़ा दिया है, जहाँ वह ईरान समर्थक संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी और हवाई हमले कर रहा है। इस संघर्ष में अब तक 1000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें सैकड़ों बच्चे भी शामिल हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व का संकट गहरा गया है, जबकि इजरायल और अमेरिका ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन के तहत चौतरफा दबाव बना रहे हैं।

‘डॉग फाइट’ क्या होती है और इस युद्ध में यह क्यों चर्चा में है?

‘डॉग फाइट’ का अर्थ दो लड़ाकू विमानों के बीच आसमान में होने वाली सीधी और करीबी लड़ाई है। इस युद्ध में यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इजरायल के अत्याधुनिक F-35 जेट ने पहली बार ईरान के YAK-130 को हवा में मार गिराया, जो आधुनिक युद्ध कला में एक बड़ा मोड़ है।

इजरायल ने तेहरान के कमांड सेंटरों को निशाना क्यों बनाया?

इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन की ‘कमांड एंड कंट्रोल’ व्यवस्था को ध्वस्त करना है। इन सेंटरों को तबाह करके इजरायल ईरान की सेना और आंतरिक सुरक्षा बलों के बीच संपर्क तोड़ना चाहता है, ताकि वे संगठित होकर जवाबी हमला न कर सकें।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #F35Dogfight #Google News in Hindi #Hindi News Paper #IDFVictory #IsraelIranWar2026 #MiddleEastConflict #TehranAirstrikes