జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య

Board of Peace: बोर्ड ऑफ पीस समिट

Author Icon By Dhanarekha
Updated: February 20, 2026 • 4:19 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

गाजा के लिए महापैकेज और ईरान को चेतावनी

वाशिंगटन: राष्ट्रपति ट्रम्प ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए ($17 बिलियन) के राहत(Board of Peace) पैकेज की घोषणा की है। इसमें से 90 हजार करोड़ रुपए ($10 बिलियन) अकेले अमेरिका देगा, जबकि शेष राशि 9 सदस्य देश मिलकर जुटाएंगे। इस योजना के तहत गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक ‘इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) बनाई जाएगी। इसमें 20,000 सैनिक और 12,000 पुलिसकर्मी होंगे इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया ने इस बल के लिए अपने सैनिक भेजने पर सहमति जताई है।

भारत की ‘ऑब्जर्वर’ भूमिका और यूएन पर निगरानी

भारत ने इस बैठक में ‘ऑब्जर्वर’ (पर्यवेक्षक) देश के रूप में हिस्सा लिया, जिसका प्रतिनिधित्व चार्ज द’अफेयर्स नमग्या सी खम्पा ने किया। भारत वर्तमान(Board of Peace) में इस बोर्ड का पूर्ण सदस्य नहीं है और स्थिति की समीक्षा कर रहा है। ट्रम्प का यह ‘बोर्ड ऑफ पीस’ केवल गाजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में भी भूमिका निभाएगा। ट्रम्प ने यहाँ तक कहा कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) के कामकाज की निगरानी करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह प्रभावी ढंग से काम कर रहा है।

अन्य पढ़े: ब्रिटेन-अमेरिका संबंधों में तनाव

ईरान को 10 दिन का ‘अल्टीमेटम’

समिट के दौरान सबसे चौंकाने वाला बयान ईरान को लेकर रहा। ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त लहजा अपनाते हुए ’10 दिनों का अल्टीमेटम’ दिया है। उन्होंने(Board of Peace) कहा कि अगले 10 दिनों में यह तय हो जाएगा कि ईरान के साथ कोई सार्थक समझौता होगा या अमेरिका को सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुनना पड़ेगा। ट्रम्प का यह बयान मिडिल ईस्ट में तनाव को एक नए स्तर पर ले जा सकता है, विशेष रूप से तब जब अमेरिका ने पहले ही क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिए हैं।

‘बोर्ड ऑफ पीस’ का सदस्य बनने के लिए क्या शर्तें हैं?

ट्रम्प के मसौदे (Charter) के अनुसार, जो देश 3 साल से अधिक समय तक इस बोर्ड का स्थायी सदस्य बने रहना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपए) का योगदान देना होगा। यह राशि मुख्य रूप से गाजा के पुनर्निर्माण और शांति प्रयासों में इस्तेमाल की जाएगी।

हमास और इजरायल के बीच विवाद का मुख्य बिंदु क्या है?

बैठक में चर्चा का मुख्य केंद्र हमास का ‘पूर्ण निरस्त्रीकरण’ (Demilitarization) रहा। इजरायल का कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ता, उसकी सेना गाजा से नहीं हटेगी। वहीं हमास ने शर्त रखी है कि हथियारों पर कोई भी फैसला इजरायली सेना की पूर्ण वापसी के बाद ही लिया जाएगा।

अन्य पढ़े:

#Breaking News in Hindi #GazaReliefPackage #GlobalPeaceSummit #Google News in Hindi #Hindi News Paper #InternationalStabilizationForce #IranUltimatum #TrumpBoardOfPeace #USMiddleEastPolicy

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.