19 की मौत, 50 हजार लोग बेघर
सैंटियागो: चिली(Chile) के पेंको और लिरक्वेन जैसे शहरों में आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों(Eye Witnesses) के अनुसार, आग के बवंडर ने देखते ही देखते पूरी बस्तियों को राख कर दिया। कई लोग केवल अपने तन के कपड़ों में जान बचाकर भागने में सफल रहे, जबकि कुछ लोगों ने समुद्र तट की शरण लेकर अपनी जान बचाई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 50 हजार लोग अपना घर खो चुके हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आपातकाल की घोषणा
राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्युब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में आपातकाल(Emergency) घोषित कर दिया है। आग बुझाने के लिए लगभग 4,000 दमकलकर्मी और सेना की टुकड़ियाँ तैनात(Chile) की गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है ताकि बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सके और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोका जा सके। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि यह समय एकजुटता का है और सरकार पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है।
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जलवायु परिवर्तन और बढ़ती चुनौतियाँ
विशेषज्ञों का मानना है कि चिली(Chile) में बार-बार होने वाली ये अग्निकांड की घटनाएँ जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं। देश लंबे समय से सूखे और रिकॉर्ड तोड़ तापमान का सामना कर रहा है। 2024 में भी चिली ने ऐसी ही एक त्रासदी झेली थी जिसमें 138 लोगों की जान गई थी। वर्तमान में तेज हवाएं और शुष्क मौसम दमकलकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिससे आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो रहा है।
चिली के किन शहरों में आग ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है?
आग का सबसे घातक असर पेंको (Penco) और पोर्ट सिटी लिरक्वेन में देखा गया है। इन दोनों कस्बों की कुल आबादी करीब 60 हजार है, जहाँ से बड़े पैमाने पर लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
आग बुझाने में प्रशासन को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
सबसे बड़ी चुनौती खराब मौसम है। क्षेत्र में चल(Chile) रही तेज हवाएं और अत्यधिक तापमान आग को और भड़का रहे हैं, जिससे दमकलकर्मियों के लिए आग पर काबू पाना और भी कठिन हो गया है।
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