CHINA- तिब्बती पहचान पर चीन का वार, स्तूप तोड़े और चीनी झंडे लगाए

By Anuj Kumar | Updated: December 29, 2025 • 10:00 AM

कोलंबो। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) तिब्बती पहचान को मिटाने की लगातार कोशिशें कर रही है। भाषा, धर्म और संस्कृति को निशाना बनाया जा रहा है। एक ताजा रिपोर्ट (Report) में दावा किया गया है कि चीनी प्रशासन तिब्बती धार्मिक प्रतीकों को हटाकर उनकी जगह जबरन चीनी राष्ट्रवादी प्रतीक थोप रहा है।

बौद्ध मंत्र हटाकर लगाए गए चीनी झंडे

रिपोर्ट के मुताबिक सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया है कि तिब्बत की पहाड़ियों पर पत्थरों में उकेरे गए पवित्र बौद्ध मंत्र ‘ओम मणि पद्मे हम’ को हटाकर वहां चीनी झंडा लगा दिया गया है। यही नहीं, तिब्बती खानाबदोशों को पारंपरिक मणि प्रार्थना ध्वज हटाने के लिए मजबूर किया गया और उसकी जगह चीनी झंडे लगाने को कहा गया। इसके साथ ही लोगों को राजनीतिक री-एजुकेशन यानी वैचारिक प्रशिक्षण सत्रों में भी शामिल किया गया।

धार्मिक परंपराओं पर बढ़ता दमन

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तिब्बत में सांस्कृतिक दमन हाल (Sanskriti Daman Hall) के वर्षों में खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में चीनी अधिकारियों ने आग लगने के खतरे का हवाला देते हुए पारंपरिक प्रार्थना ध्वज जला दिए। स्थानीय लोगों ने इसे तिब्बती धार्मिक परंपराओं को मिटाने की चीन की मुहिम का नया और गंभीर कदम बताया है। रिपोर्ट के अनुसार बीते कुछ वर्षों में कई बार मणि प्रार्थना ध्वज और प्रार्थना चक्रों को हटाया या तोड़ा गया है।

दलाई लामा के जन्मदिन पर सख्ती

इसी दौरान जब तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का 90वां जन्मदिन मनाया जा रहा था, तब चीनी प्रशासन ने तिब्बत में आवाजाही और धार्मिक गतिविधियों पर कड़ी पाबंदियां लगा दीं। रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग बीजिंग के री-एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल होने से इनकार करते हैं, उन्हें झूठे आरोपों में हिरासत, लंबी कैद और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है।

300 से ज्यादा बौद्ध स्तूप किए गए ध्वस्त

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के मध्य में तिब्बत के खाम प्रांत में करीब 300 बौद्ध स्तूपों को तोड़ दिया गया। सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (सीटीए) ने इसे सांस्कृतिक तोड़फोड़ का खुला कृत्य करार दिया है। सीटीए का कहना है कि चीनी अधिकारी सरकारी जमीन और नियमों के उल्लंघन का बहाना बनाकर इन कार्रवाइयों को सही ठहराते हैं, लेकिन पवित्र स्तूपों का मलबा पूरी तरह हटाकर सदियों पुरानी आस्था के निशान मिटा दिए गए हैं।

Read More :

#CCP News #China news #CTA News #Dalai Lama News #Daman News #Report news #Sanskriti News #Tibbat news