జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య

IRAN- रूस-चीन की तकनीक से मिली ताकत, ईरानी मिसाइलें लगा रहीं सटीक निशानें

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: March 26, 2026 • 10:17 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

ईरान की सैन्य ताकत में हाल के वर्षों में तेजी से इजाफा हुआ है। खासकर मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रगति के पीछे रूस और चीन से मिली तकनीकी मदद और सहयोग की अहम भूमिका रही है। इसी के चलते अब ईरानी मिसाइलें (Irani Missile) पहले के मुकाबले कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो गई हैं।

तकनीकी सहयोग से बढ़ी क्षमता

रूस और चीन से मिले उन्नत गाइडेंस सिस्टम (Guidance System) सैटेलाइट नेविगेशन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के कारण ईरान की मिसाइलों की मारक क्षमता और सटीकता दोनों में सुधार हुआ है। पहले जहां लक्ष्य भटकने की संभावना अधिक रहती थी, वहीं अब मिसाइलें अपने निशाने पर ज्यादा सटीकता से वार कर रही हैं।

मिसाइल सिस्टम में आधुनिक बदलाव

ईरान ने अपने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल सिस्टम (Cruse Missile System) में कई बड़े बदलाव किए हैं। नई तकनीकों के इस्तेमाल से मिसाइलें लंबी दूरी तक मार करने के साथ-साथ दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम हो गई हैं। इससे उसकी सैन्य रणनीति और भी मजबूत हुई है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

ईरान की बढ़ती मिसाइल क्षमता का असर मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर भी पड़ रहा है। कई देशों ने इसे लेकर चिंता जताई है और इसे क्षेत्र में शक्ति संतुलन के लिए चुनौती माना जा रहा है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसकी यह ताकत केवल आत्मरक्षा के लिए है।

अन्य पढ़े: Gujrat- वडोदरा में कांग्रेस का जोर, राहुल गांधी आदिवासी सम्मेलन से भरेंगे हुंकार

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चर्चा

ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस तेज हो गई है। कई पश्चिमी देश इस पर निगरानी बढ़ाने और प्रतिबंधों की बात कर रहे हैं, जबकि ईरान अपने रक्षा कार्यक्रम को जारी रखने पर अड़ा हुआ है।

Read More :

# Paper Hindi News #Breaking News in Hindi #Cruse Missile System News #Google News in Hindi #Guidance System News #Hindi News Paper #HindiNews #Irani Missile News #LatestNews #Satellite Navigation News breakingnews latestnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.