USA- ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका तेज, जंगी जहाज तैनात; टारगेट भी चिन्हित

Read Time:  1 min
अमेरिकी हमले
अमेरिकी हमले
FONT SIZE
GET APP

वाशिंगटन,। मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी नौसेना (Americi Airforce) का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तीन अन्य अत्याधुनिक युद्धपोतों के साथ पश्चिम एशिया के रणनीतिक जलक्षेत्र में तैनात हो चुका है। इस भारी सैन्य जमावड़े से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

खामेनेई को सुरक्षित बंकर में भेजे जाने की चर्चा

अपुष्ट खबरों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को एक सुरक्षित बंकर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह भी चर्चा है कि फिलहाल प्रशासनिक जिम्मेदारियां उनके बेटे संभाल रहे हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि ईरान की ओर से नहीं की गई है।

अमेरिका ने चिन्हित किए ईरान के अहम ठिकाने

सैन्य सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि अमेरिका ने ईरान (Iran) के उन वरिष्ठ अधिकारियों और ठिकानों की पहचान कर ली है, जिन्हें दमनकारी नीतियों और क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए जिम्मेदार माना जाता है। खुफिया इनपुट के अनुसार, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह ईरान का सबसे कमजोर दौर बताया जा रहा है, जहां आर्थिक संकट और जनता पर शासन की पकड़ दोनों ही कमजोर हुई हैं।

ट्रंप को मिला ‘कार्रवाई का अनुकूल समय’ का संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि यह ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं को कमजोर करने का सबसे उपयुक्त समय हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हालात बिगड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

अन्य पढ़े:  बिहार में बदलेगा मौसम का मिज़ाज, कल 25 जिलों में झमाझम बारिश के आसार

यूएई ने झाड़ा पल्ला, अमेरिका को कूटनीतिक झटका

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा। यूएई के विदेश मंत्रालय ने ऐलान किया है कि उसकी जमीन, हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमा का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इसे अमेरिका के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।

ईरान की दो टूक चेतावनी- हमला हुआ तो होगा पूर्ण युद्ध

ईरान ने भी अमेरिका को तीखे शब्दों में चेतावनी दी है। तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी सीमित हमले को पूर्ण युद्ध की शुरुआत माना जाएगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके परमाणु या सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ, तो जवाब इतना कठोर होगा कि पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ जाएगा।

तेल आपूर्ति और वैश्विक शांति पर खतरा

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े की बढ़ती मौजूदगी से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिन वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।