बांग्लादेश में हिंदू हत्या पर चिंता और भगोड़ों की वापसी का संकल्प
नई दिल्ली: भारत सरकार ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या की(Foreign) कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय(Foreign) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार(Interim Government) के दौरान अल्पसंख्यकों(Minorities) के खिलाफ हिंसा की 2,900 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि वहां शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है और इन घटनाओं को केवल ‘राजनीतिक हिंसा’ कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।
आर्थिक भगोड़ों और वैश्विक कानूनी कार्रवाई पर अपडेट
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सरकार ने भगोड़े ललित मोदी और विजय माल्या को वापस लाने के अपने संकल्प को दोहराया। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार उन सभी अपराधियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है जो कानून से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गए हैं। इसके लिए संबंधित देशों के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। इसके अलावा, कनाडा में भारतीय छात्र की हत्या और ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले जैसे अंतरराष्ट्रीय(Foreign) मुद्दों पर भी भारत ने अपनी सक्रियता और स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क की पुष्टि की है।
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वीजा समस्या और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते
भारतीय नागरिकों को अमेरिका के H-1B वीजा अपॉइंटमेंट में हो रही देरी पर भारत ने चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन दोनों स्तरों पर यह मुद्दा उठाया है ताकि भारतीय परिवारों को हो रही कठिनाइयों को कम किया जा सके। साथ ही, भारत-अमेरिका(Foreign) व्यापार वार्ता और भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी सकारात्मक प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि निष्पक्ष और संतुलित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दिसंबर में भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं।
बांग्लादेश में जारी भारत-विरोधी बयानों पर भारत सरकार की क्या प्रतिक्रिया है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बांग्लादेश में फैलाई जा रही ‘भारत-विरोधी झूठी कहानियों’ को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा सुनिश्चित(Foreign) करना वहां की सरकार का काम है और भारत लगातार वहां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग कर रहा है।
H-1B वीजा के मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है?
भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी अधिकारियों के सामने रिशेड्यूलिंग और अपॉइंटमेंट में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है। सरकार सक्रिय रूप से अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रही है ताकि वीजा प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और भारतीय पेशेवरों पर इसके प्रभाव को कम किया जा सके।
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